रांची में आंदोलनरत JPSC-JSSC अभ्यर्थियों से मिले कांग्रेस नेता कुमार राजा, सरकार तक मांगें पहुंचाने का दिया भरोसा

Meenu | August 2, 2026 | 04:27 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,रांची : JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों से रविवार को कांग्रेस नेता कुमार राजा ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने छात्रों की मांगें सुनीं और भरोसा दिलाया कि उनकी बात सरकार तक पहुंचाई जाएगी। कुमार राजा ने कहा कि सरकार भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते ने इस्तीफा दिया है और आयोग में कार्यरत कुछ अधिकारियों को भी हटाया गया है।

यह भी पढ़ें : जमशेदपुर मर्डर केस का खुलासा: लिव-इन पार्टनर पर महिला की हत्या का आरोप, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

अभ्यर्थियों ने रखीं तीन प्रमुख मांगें

मुलाकात के दौरान आंदोलनरत अभ्यर्थियों ने अपनी प्रमुख मांगों का ज्ञापन सौंपा। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रद्द की जाए। JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं की CBI से जांच कराई जाए। 13वीं और 14वीं JPSC के लिए नई अधिसूचना जारी कर आयु सीमा का कटऑफ वर्ष 2018 निर्धारित किया जाए। इसके अलावा अभ्यर्थियों ने मांग की कि JPSC मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन मैन्युअल तरीके से किया जाए और उत्तर पुस्तिकाएं डिजिटल रूप से वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएं।

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग

अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि आयोग की अधिसूचनाओं में यदि किसी प्रकार की अस्पष्टता हो तो संबंधित अधिकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उसका समाधान करें। उनका कहना था कि कई बार फोन या अन्य माध्यमों से संपर्क करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाता। छात्रों ने यह भी सुझाव दिया कि भर्ती परीक्षाओं का संचालन किसी बाहरी एजेंसी के बजाय झारखंड की स्थानीय संस्था या एजेंसी से कराया जाए। साथ ही उन्होंने आयोगों में राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों की नियुक्ति नहीं करने की मांग भी रखी। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा के अलावा उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा और JSSC CGL परीक्षा को भी रद्द करने की मांग दोहराई।

सरकार तक पहुंचाई जाएंगी मांगें- कुमार राजा

मीडिया से बातचीत में कुमार राजा ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखना छात्रों का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों की सभी मांगों पर पहले पार्टी स्तर पर चर्चा की जाएगी, जिसके बाद उन्हें सरकार के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी भर्ती परीक्षा में जांच के दौरान अनियमितता या गड़बड़ी साबित होती है, तो दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Share this news

संबंधित खबरें