Samachar Post रिपोर्टर,पलामू : झारखंड के पलामू जिले में गर्भवती शिक्षिका भारती पाण्डेय के शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave) स्वीकृत होने में कथित देरी और नवजात की मौत के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षिका को न्याय दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
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DEO कार्यालय पर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोप
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पलामू के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है। उनका दावा है कि मातृत्व अवकाश और शिशु देखभाल अवकाश स्वीकृत कराने के लिए कर्मचारियों से ₹50,000 तक रिश्वत मांगी जाती है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि जो कर्मचारी रिश्वत नहीं देते, उनके आवेदन लंबित रखे जाते हैं, जिससे उन्हें समय पर अवकाश का लाभ नहीं मिल पाता।
सरकार और शिक्षा विभाग पर साधा निशाना
भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों पर समय रहते कार्रवाई नहीं होने के कारण कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान राज्य सरकार की कार्यशैली की भी आलोचना की गई और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी
भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ उनका विरोध आगे भी जारी रहेगा। गौरतलब है कि इसी मामले में जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग ने DEO कार्यालय के एक लिपिक को निलंबित किया है, जबकि एक अन्य कर्मचारी का प्रतिनियोजन समाप्त किया गया है। विभाग का कहना है कि मामले की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है।




















