Samachar Post रिपोर्टर,गिरिडीह : झारखंड सरकार ने गिरिडीह जिले को बड़ी सौगात देते हुए पीरटांड़ क्षेत्र में झारखंड और बिहार के सबसे बड़े जैविक उद्यान (चिड़ियाघर) के निर्माण को मंजूरी दे दी है। करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना को राज्य कैबिनेट की स्वीकृति मिल चुकी है। लगभग 396.22 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने वाला यह चिड़ियाघर वन्यजीव संरक्षण, पर्यटन और स्थानीय रोजगार के लिहाज से राज्य की सबसे बड़ी परियोजनाओं में शामिल होगा।
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396 हेक्टेयर में विकसित होगा मेगा जैविक उद्यान
प्रस्तावित जैविक उद्यान गिरिडीह-डुमरी रोड स्थित पीरटांड़ क्षेत्र में बनाया जाएगा। मास्टर प्लान के अनुसार इसके लिए 333.38 हेक्टेयर वन भूमि और 62.84 हेक्टेयर अधिग्रहित भूमि चिह्नित की गई है। वर्तमान में झारखंड का सबसे बड़ा चिड़ियाघर रांची के ओरमांझी स्थित भगवान बिरसा जैविक उद्यान है, जिसका क्षेत्रफल 104 हेक्टेयर है। वहीं बिहार के मौजूदा और निर्माणाधीन चिड़ियाघरों से भी यह परियोजना आकार में कहीं बड़ी होगी।
दुर्लभ वन्यजीव होंगे प्रमुख आकर्षण
वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) मनीष तिवारी के अनुसार, चिड़ियाघर में देश-विदेश के कई दुर्लभ वन्यजीवों और पक्षियों को प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप रखा जाएगा। यहां पर्यटक रॉयल बंगाल टाइगर, हाथी, तेंदुआ, लेपर्ड कैट, जंगली बिल्ली, सियार, लोमड़ी, धारीदार लकड़बग्घा, हिमालयी काला भालू, स्लॉथ भालू, दरियाई घोड़ा, भारतीय गौर (बाइसन), चीतल, सांभर, काला हिरण, नीलगाय, काकड़, गंगा घड़ियाल, शुतुरमुर्ग, एम्बू, भारतीय मोर और तीतर सहित कई प्रजातियों को देख सकेंगे। इसके अलावा रॉयल बंगाल टाइगर, गंगा घड़ियाल और भालू जैसी लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण और प्रजनन के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस विशेष बाड़े भी विकसित किए जाएंगे। यह जैविक उद्यान वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र भी बनेगा।

पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-114ए से जुड़ी होगी, जिससे झारखंड के साथ-साथ बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों के पर्यटकों के लिए यहां पहुंचना आसान होगा। विश्व प्रसिद्ध जैन तीर्थस्थल पारसनाथ और मधुबन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यह नया आकर्षण केंद्र बनेगा। धार्मिक पर्यटन के साथ इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलने से गिरिडीह की पर्यटन पहचान और मजबूत होगी।
स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार
नगर विकास एवं आवास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि इस परियोजना से जिले की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन, गाइड सेवा, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यापार को भी इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और वन विभाग मास्टर प्लान के अनुरूप निर्माण प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं।

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