Samachar Post रिपोर्टर,रांची : राजधानी रांची में जुलाई महीने का राशन वितरण गंभीर संकट में फंस गया है। महीने का अधिकांश समय बीत जाने के बावजूद रांची अनुमंडल के हजारों राशन कार्डधारियों को अब तक खाद्यान्न नहीं मिल सका है। भारतीय खाद्य निगम (FCI) की नई वितरण व्यवस्था और कडरू स्थित झारखंड राज्य खाद्य निगम (JSFC) गोदाम में मजदूरों की हड़ताल के कारण जन वितरण प्रणाली (PDS) प्रभावित हो गई है। इसका असर सबसे अधिक गरीब और जरूरतमंद परिवारों पर पड़ रहा है, जिन्हें रोजाना राशन दुकानों से खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
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रथ मेला के बीच राशन संकट से बढ़ी चिंता
जुलाई में समय पर राशन नहीं मिलने से लाभुकों के सामने भोजन का संकट गहरा गया है। रथ मेला जैसे प्रमुख पर्व के दौरान खाद्यान्न वितरण बाधित होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। लाभुकों का कहना है कि यदि जुलाई का आवंटन समय पर वितरित नहीं हुआ तो अगले महीने केंद्र सरकार से नए आवंटन पर भी असर पड़ सकता है।
FCI की नई व्यवस्था बनी विवाद की वजह
अब तक FCI से खाद्यान्न पहले JSFC के गोदामों में पहुंचता था, जहां वजन और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद राशन पीडीएस डीलरों तक भेजा जाता था। लेकिन केंद्र सरकार ने नई व्यवस्था लागू करते हुए अगस्त से FCI से सीधे पीडीएस दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाने का निर्णय लिया है। इस बदलाव से JSFC गोदामों की भूमिका लगभग समाप्त हो जाएगी, जिससे विवाद खड़ा हो गया है।
300 मजदूरों के रोजगार पर मंडराया संकट
नई व्यवस्था के विरोध में कडरू गोदाम के करीब 300 मोटिया मजदूरों ने काम बंद कर दिया है। मजदूरों का कहना है कि गोदामों में खाद्यान्न नहीं आने पर उनका रोजगार समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही उनका आरोप है कि पहले किए गए कार्य का भुगतान भी समय पर नहीं किया गया, जिससे आर्थिक संकट और बढ़ गया है।

कडरू गोदाम बंद, रांची अनुमंडल सबसे ज्यादा प्रभावित
रांची जिले के कडरू, कांके, नामकुम और ओरमांझी स्थित JSFC गोदामों में से कडरू गोदाम से रांची शहर और आसपास के अधिकांश क्षेत्रों में राशन की आपूर्ति होती है। फिलहाल यहां खाद्यान्न उपलब्ध होने के बावजूद मजदूरों की हड़ताल के कारण उसका उठाव नहीं हो पा रहा है। इसका सीधा असर वार्ड 27 से 36 तक के करीब 150 पीडीएस डीलरों और हजारों लाभुकों पर पड़ा है।
डीलरों पर बढ़ा दबाव, प्रशासन ने दिया समाधान का भरोसा
पीडीएस डीलरों का कहना है कि लाभुक लगातार राशन की जानकारी लेने के लिए फोन कर रहे हैं और दुकानों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन गोदाम से खाद्यान्न नहीं मिलने के कारण वितरण संभव नहीं हो पा रहा है। रांची की विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी मोनी कुमारी ने बताया कि मजदूरों के भुगतान में देरी का मामला सामने आया है। संबंधित ठेकेदार को पत्र भेजा गया है और जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि राशन वितरण को सामान्य करने और मजदूरों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर किया जा रहा है।
प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती
फिलहाल प्रशासन के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं पहली, हजारों राशन कार्डधारियों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाना और दूसरी, गोदामों में कार्यरत मजदूरों के रोजगार और बकाया भुगतान का समाधान करना। यदि जल्द गतिरोध समाप्त नहीं हुआ तो जुलाई महीने का राशन वितरण और अधिक प्रभावित हो सकता है।

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