CJI सूर्यकांत की युवा वकीलों को नसीहत, बोले- TRP की दौड़ में शामिल न हों, मेहनत और विश्वसनीयता पर दें ध्यान

Rupa Kumari | July 23, 2026 | 11:42 AM IST

Samachar Post डेस्क, रांची : भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने युवा वकीलों को सोशल मीडिया की लोकप्रियता के मोह से दूर रहने और अपने पेशेवर कौशल को मजबूत करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल दौर में प्रसिद्धि हासिल करना आसान हो गया है, लेकिन केवल लोकप्रियता को सफलता का पैमाना नहीं माना जा सकता। सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए CJI सूर्यकांत ने कहा कि सोशल मीडिया पर मिलने वाली पहचान हमेशा विश्वसनीयता की गारंटी नहीं होती। उन्होंने युवा अधिवक्ताओं से अपने पेशे में गंभीरता, मेहनत और ईमानदारी के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

ऑनलाइन लोकप्रियता नहीं, पेशेवर क्षमता हो प्राथमिकता

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि युवा वकीलों को अपनी सफलता का आकलन सोशल मीडिया फॉलोअर्स, लाइक्स या डिजिटल लोकप्रियता के आधार पर नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं का वास्तविक सम्मान अदालत के भीतर उनके काम, तर्कशक्ति, तैयारी और पेशेवर आचरण से अर्जित होता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वकीलों को उन टीवी चैनलों की तरह काम नहीं करना चाहिए जो केवल टीआरपी की चिंता करते हैं। कानून का पेशा गंभीर जिम्मेदारी और सार्वजनिक विश्वास से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें विश्वसनीयता सबसे महत्वपूर्ण है।

अदालत में मेहनत से बनती है पहचान

CJI सूर्यकांत ने कहा कि एक सफल वकील वही है जो अपने मुवक्किलों, सहकर्मियों और न्यायिक संस्थाओं के बीच अपनी मेहनत और योग्यता के आधार पर सम्मान अर्जित करता है। उन्होंने युवा वकीलों को सलाह दी कि वे ऑनलाइन पहचान बनाने की बजाय अपनी कानूनी समझ, शोध क्षमता और अदालत में प्रस्तुति कौशल को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करें।

यह भी पढ़ें : जमशेदपुर में तेज रफ्तार कार का कहर, बागबेड़ा में चार लोग गंभीर रूप से घायल; चालक फरार

विश्वसनीयता ही सबसे बड़ी पूंजी

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर त्वरित प्रसिद्धि मिल सकती है, लेकिन दीर्घकालिक सफलता के लिए विश्वसनीयता, नैतिकता और पेशेवर उत्कृष्टता आवश्यक है। उन्होंने युवा अधिवक्ताओं से आग्रह किया कि वे अपने करियर की मजबूत नींव अदालतों में गुणवत्तापूर्ण कार्य और निरंतर सीखने की भावना से रखें। CJI ने कहा कि कानून के क्षेत्र में प्रतिष्ठा और भरोसा वर्षों की मेहनत से बनता है, इसलिए युवा वकीलों को अल्पकालिक लोकप्रियता की बजाय दीर्घकालिक पेशेवर विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए।

Share this news

संबंधित खबरें