नई खनन नीति के विरोध में धनबाद में संवेदकों का प्रदर्शन, खनन मंत्री का पुतला फूंका

Rupa Kumari | July 13, 2026 | 05:09 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, धनबाद : झारखंड सरकार की नई खनन नीति और रॉयल्टी चालान व्यवस्था के विरोध में सोमवार को धनबाद संवेदक संघ ने जोरदार प्रदर्शन किया। संवेदकों ने कंबाइंड बिल्डिंग से रणधीर वर्मा चौक तक पैदल मार्च निकालकर सरकार और खनन विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन के दौरान खनन मंत्री का पुतला भी फूंका गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में संवेदकों ने हिस्सा लिया और नई व्यवस्था को अव्यावहारिक बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। संवेदकों का कहना है कि नई रॉयल्टी चालान व्यवस्था के कारण विकास योजनाओं और निर्माण कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके चलते विभिन्न विभागों में लंबित भुगतान की समस्या भी बढ़ गई है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से नई व्यवस्था की समीक्षा कर इसे वापस लेने तथा संवेदकों के अटके हुए भुगतानों को जल्द जारी करने की मांग की।

राज्यभर के संवेदकों में नाराजगी

धनबाद संवेदक संघ के अध्यक्ष आकाश रवानी और संवेदक डब्लू झा ने कहा कि नई खनन नियमावली को लेकर पूरे राज्य के संवेदकों में असंतोष है। उन्होंने बताया कि आंदोलन का उद्देश्य मुख्यमंत्री और खनन मंत्री तक अपनी समस्याएं पहुंचाना है, ताकि सरकार इस मुद्दे पर हस्तक्षेप कर समाधान निकाल सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान नियमों के कारण संवेदकों के सामने कई व्यावहारिक कठिनाइयां खड़ी हो गई हैं, जिससे सरकारी परियोजनाओं का संचालन भी प्रभावित हो रहा है।

बालू और गिट्टी की उपलब्धता बनी बड़ी चुनौती

संवेदकों ने कहा कि सरकार जिस रॉयल्टी चालान की अनिवार्यता लागू कर रही है, उसकी जमीनी स्थिति धनबाद जिले में अलग है। उनका आरोप है कि जिले में न तो बालू घाटों का नियमित टेंडर हो रहा है और न ही गिट्टी के चालान आसानी से उपलब्ध हो पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक सामग्री की आपूर्ति और उससे संबंधित दस्तावेज जुटाना कठिन हो गया है। इसका सीधा असर परियोजनाओं की प्रगति और भुगतान प्रक्रिया पर पड़ रहा है।

करोड़ों रुपये का भुगतान अटका

संघ के पदाधिकारियों का दावा है कि पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत चालान जमा करने के बाद संवेदकों को समय पर भुगतान मिल जाता था। लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद कई संवेदकों के करोड़ों रुपये के भुगतान लंबित हो गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला, तो राज्यभर में आंदोलन और तेज किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: 20 लाख का इनामी नक्सली रवींद्र गंझू गिरफ्तार, चार पुलिसकर्मियों की हत्या समेत 55 मामलों में था वांछित

सरकार से हस्तक्षेप की मांग

प्रदर्शन के दौरान संवेदकों ने मांग की कि नई रॉयल्टी चालान व्यवस्था की समीक्षा कर व्यावहारिक समाधान निकाला जाए, ताकि विकास कार्य बाधित न हों और संवेदकों को समय पर भुगतान मिल सके। अब सभी की नजरें सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं कि वह संवेदकों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और विवाद को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाती है।

Share this news

संबंधित खबरें