झारखंड में निवेश को लेकर भाजपा का हमला, प्रतुल शाहदेव ने सरकार के दावों पर उठाए सवाल

Meenu | July 13, 2026 | 02:57 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में हाल ही में घोषित निवेश प्रस्तावों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार के निवेश दावों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित ₹99,639 करोड़ के अधिकांश निवेश प्रस्ताव नए नहीं हैं, बल्कि पहले घोषित परियोजनाओं को दोबारा प्रस्तुत किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें : रांची के तुपुदाना में दो नाबालिगों से कथित सामूहिक दुष्कर्म, छह आरोपी गिरफ्तार

‘दावोस के निवेश को फिर से पेश किया गया’

प्रतुल शाहदेव ने दावा किया कि राज्य सरकार फरवरी 2026 में दावोस और यूके दौरे के बाद ₹1.27 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों की घोषणा कर चुकी थी। उनका आरोप है कि जिन कंपनियों के साथ उस समय एमओयू और निवेश प्रस्तावों का प्रचार किया गया था, उन्हीं निवेशों को अब दोबारा नई उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

इन निवेश प्रस्तावों पर उठाए सवाल

भाजपा नेता ने हालिया निवेश घोषणा में शामिल कई कंपनियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनमें अधिकांश नाम पहले भी सामने आ चुके हैं। उन्होंने जिन प्रस्तावों का जिक्र किया, उनमें शामिल हैं जिंदल स्टील लिमिटेड ₹40,000 करोड़, जिंदल न्यूक्लियर पावर ₹30,000 करोड़, रुंगटा संस ₹10,000 करोड़, रुंगटा माइंस ₹3,000 करोड़, टाटा स्टील हिसारना ₹7,000 करोड़, अमलगम स्टील एंड पावर ₹4,980 करोड़, टाटा स्टील टिन प्लेट विस्तार ₹2,600 करोड़, अंबुजा सीमेंट ₹1,000 करोड़, जिंदल रिन्यूएबल्स ₹650 करोड़। प्रतुल शाहदेव का दावा है कि इन कंपनियों और निवेश राशियों की घोषणा पहले भी की जा चुकी थी।

सरकार से मांगा स्पष्टीकरण

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि ये वास्तव में नए एमओयू हैं तो सरकार स्पष्ट करे कि पहले हुए एमओयू का क्या हुआ। वहीं यदि ये पुराने निवेश प्रस्ताव हैं, तो उन्हें दोबारा नई उपलब्धि के रूप में पेश करने का कारण भी बताया जाए। उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि पिछले छह महीनों में इन परियोजनाओं पर कितना वास्तविक निवेश हुआ, कितनी जमीन आवंटित हुई, कितने उद्योगों का निर्माण शुरू हुआ और कितने स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला।

न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट पर भी उठाए सवाल

प्रतुल शाहदेव ने ₹30,000 करोड़ के जिंदल न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि परमाणु ऊर्जा पूरी तरह केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय है और किसी निजी कंपनी के साथ केवल राज्य सरकार के एमओयू से परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार, परमाणु ऊर्जा विभाग और संबंधित नियामक संस्थाओं की स्वीकृति आवश्यक होती है। प्रतुल शाहदेव ने कहा कि भाजपा झारखंड में होने वाले हर औद्योगिक निवेश का स्वागत करती है, लेकिन सरकार को निवेश के नाम पर भ्रम फैलाने के बजाय वास्तविक प्रगति और रोजगार सृजन की स्थिति जनता के सामने रखनी चाहिए।

Share this news

संबंधित खबरें