पूर्वी सिंहभूम में ब्रेन मलेरिया से 4 वर्षीय बच्चे की मौत, मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हुई

Rupa Kumari | July 10, 2026 | 12:36 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। पटमदा प्रखंड के खाड़ियासाई गांव में ब्रेन मलेरिया से एक चार वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। इस मौत के साथ ही जिले में इस वर्ष मलेरिया से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है।लगातार बढ़ते मामलों और मौतों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी, जांच और दवा वितरण अभियान चलाया जा रहा है।

ब्रेन मलेरिया से बच्चे की मौत

मृतक बच्चे की पहचान चार वर्षीय शिव सरदार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, बच्चे की तबीयत खराब होने पर पहले स्थानीय स्तर पर उपचार कराया गया। स्थिति गंभीर होने पर उसे जमशेदपुर के सदर अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों के अनुसार बच्चा ब्रेन मलेरिया (सेरेब्रल मलेरिया) से संक्रमित था, जो मलेरिया का अत्यंत गंभीर रूप माना जाता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गुरुवार को जिले के 11,090 संदिग्ध लोगों की जांच की गई। जांच के दौरान 101 नए मलेरिया मरीजों की पहचान हुई। इनमें 67 मरीज फाल्सीपेरम मलेरिया से संक्रमित पाए गए, जिसे मलेरिया का सबसे खतरनाक प्रकार माना जाता है। वहीं 31 लोगों में प्लास्मोडियम विवैक्स संक्रमण की पुष्टि हुई। 29 जून से 9 जुलाई के बीच जिले में कुल 1,603 मलेरिया मरीज सामने आ चुके हैं।

पटमदा सबसे अधिक प्रभावित

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पटमदा प्रखंड में सबसे अधिक 21 नए मरीज मिले हैं। इसके अलावा:

  • डुमरिया – 19 मरीज
  • घाटशिला – 16 मरीज
  • मुसाबनी – 16 मरीज
  • धालभूमगढ़ – 5 मरीज
  • चाकुलिया – 1 मरीज

इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार सर्वे और जांच अभियान चला रही हैं।

कई मरीज अस्पतालों में भर्ती

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सदर अस्पताल खासमहल में 40 मरीज भर्ती हैं, जबकि एमजीएम अस्पताल में 11 मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें छह मरीजों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आईसीयू में रखा गया है। अस्पतालों में अतिरिक्त दवाएं, जांच किट और चिकित्सकीय संसाधन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।

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स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सलाह

डॉ. साहिर पॉल ने लोगों से मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि छतों पर रखे पुराने टायर, टूटे बर्तन, कूलर और अन्य पात्रों में जमा पानी को नियमित रूप से साफ किया जाए। साथ ही रात में मच्छरदानी का उपयोग किया जाए और बुखार होने पर बिना देरी सरकारी अस्पताल में जांच कराई जाए। बढ़ते संक्रमण से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट ग्रामीण इलाकों में लगातार बढ़ते संक्रमण और मौतों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। विभाग का कहना है कि समय पर जांच और उपचार से गंभीर जटिलताओं और मौतों को रोका जा सकता है।

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