कुकडू आवासीय बालिका विद्यालय की बदहाली पर अभिभावकों का आक्रोश, DC से की जांच और कार्रवाई की मांग

Meenu | July 10, 2026 | 12:31 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,सरायकेला-खरसावां : जिले के कुकडू प्रखंड स्थित झारखंड आवासीय बालिका विद्यालय की बदहाल व्यवस्था को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने उपायुक्त (DC) को ज्ञापन सौंपकर विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं की कमी, छात्राओं की सुरक्षा में कथित लापरवाही और पुरुष नाइट गार्ड को हटाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

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भोजन, पानी, बिजली और सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

अभिभावकों का आरोप है कि सरकारी दिशा-निर्देशों के बावजूद विद्यालय में नियमित अभिभावक बैठक नहीं होती। इसके अलावा छात्राओं को भोजन, पेयजल, बिजली, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि इन कमियों का सीधा असर छात्राओं की पढ़ाई और दैनिक जीवन पर पड़ रहा है।

पुरुष नाइट गार्ड को हटाने की मांग

ज्ञापन में आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्त नाइट गार्ड नारद महतो के खिलाफ भी शिकायत की गई है। अभिभावकों का आरोप है कि वह अक्सर नशे की हालत में विद्यालय परिसर में रहते हैं और अभिभावकों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। उन्होंने छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल महिला सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति की मांग की है।

13 मई की घटना की जांच की भी उठी मांग

अभिभावकों ने आवेदन में 13 मई 2026 की घटना का भी उल्लेख किया है। उनका आरोप है कि पानी की समस्या दूर होने के बाद भी एक राजनीतिक दल का पानी टैंकर विद्यालय परिसर में लाया गया और छात्राओं के फोटो एवं वीडियो बनाकर वायरल किए गए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

सुविधाएं सुधारने और शिक्षकों की नियुक्ति की मांग

अभिभावकों ने विद्यालय में पर्याप्त शिक्षिकाओं की नियुक्ति, चारदीवारी की ऊंचाई बढ़ाने, जर्जर भवनों की मरम्मत और निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने की मांग भी की है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। अब इस मामले में जिला प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। सरकारी आवासीय विद्यालयों में छात्राओं की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर यह मामला गंभीर माना जा रहा है।

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