लातेहार में प्रमुख और BDO के बीच विवाद गहराया, जातिसूचक टिप्पणी और धमकी देने का आरोप

Rupa Kumari | July 7, 2026 | 11:23 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, लातेहार : जिले के गारू प्रखंड में प्रखंड प्रमुख और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) के बीच विवाद अब गंभीर कानूनी मोड़ लेता नजर आ रहा है। गारू प्रखंड प्रमुख सीता देवी ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर BDO अभय कुमार पर जातिसूचक गालियां देने, धमकी देने, अभद्र व्यवहार करने और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रमुख सीता देवी के अनुसार, 4 जुलाई को उपायुक्त के गारू दौरे के दौरान उन्होंने पंचायत समिति निधि से संबंधित कई शिकायतें उपायुक्त को सौंपी थीं। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पंचायत समिति निधि की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, डिजिटल हस्ताक्षर (डोंगल) का उपयोग मनमाने तरीके से किया जा रहा है तथा बाहरी लोगों को ठेकेदारी दिलाने जैसी अनियमितताएं हो रही हैं।

जातिसूचक टिप्पणी और जेल भेजने की धमकी का आरोप

शिकायत में दावा किया गया है कि उपायुक्त के प्रखंड से लौटने के बाद BDO ने प्रमुख और उनके पति को कार्यालय बुलाया। वहां कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, जातिसूचक शब्द कहे गए और शिकायत वापस नहीं लेने पर झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी गई। प्रमुख का आरोप है कि उन्हें कहा गया कि अधिकारियों के खिलाफ शिकायत करने का परिणाम भुगतना पड़ेगा और उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।

डिजिटल हस्ताक्षर के दुरुपयोग का भी आरोप

सीता देवी ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि पूर्व में लगभग 9 लाख रुपये का भुगतान उनके हस्ताक्षर के बिना किया गया। उन्होंने डिजिटल हस्ताक्षर के कथित दुरुपयोग, सादे कागजों पर हस्ताक्षर कराने के प्रयास और लगातार दबाव बनाए जाने की बात भी कही है।प्रमुख ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की मांग उठाई है।

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BDO का पक्ष आना बाकी

फिलहाल इस मामले में BDO अभय कुमार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आरोप एक पक्ष द्वारा लगाए गए हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जांच और संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया के बाद ही पूरे विवाद की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी। इस प्रकरण ने गारू प्रखंड की प्रशासनिक कार्यप्रणाली और पंचायत प्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के बीच संबंधों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर प्रशासन और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी है।

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