रिम्स की जमीन पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं: हाईकोर्ट ने सरकार और SSP को दिए सख्त निर्देश

Meenu | June 25, 2026 | 02:14 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची :झारखंड हाईकोर्ट ने राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) की अधिग्रहित जमीन पर बाउंड्री वॉल निर्माण में आ रही बाधाओं को लेकर राज्य सरकार और जिला प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि बाउंड्री वॉल निर्माण में जो भी अवरोध हैं, उन्हें तत्काल दूर किया जाए ताकि कार्य बिना किसी रुकावट के पूरा हो सके।

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रांची SSP को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को निर्देश दिया कि बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य के लिए आवश्यक पुलिस सुरक्षा तत्काल उपलब्ध कराई जाए। अदालत ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि रिम्स की अधिग्रहित जमीन पर किसी भी स्थिति में अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। यदि कहीं अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाए। अदालत का मानना है कि संस्थान की भूमि की सुरक्षा और विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

रिम्स ने कोर्ट को बताई थी निर्माण में बाधा की बात

इससे पहले रिम्स प्रशासन की ओर से अदालत को अवगत कराया गया था कि बाउंड्री वॉल निर्माण के दौरान कुछ लोग विरोध कर रहे हैं और कार्य को आगे बढ़ाने में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। इस पर कोर्ट ने रांची SSP को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य को सुचारु रूप से पूरा कराने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए।

शपथ पत्र पर कोर्ट ने जताई नाराजगी

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने रिम्स द्वारा दाखिल शपथ पत्र पर भी असंतोष व्यक्त किया। अदालत ने कहा कि शपथ पत्र में कई महत्वपूर्ण तथ्यों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत नहीं किया गया है। कोर्ट ने रिम्स प्रशासन को नया और विस्तृत शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश देते हुए कहा कि संस्थान में हुई नियुक्तियों से संबंधित जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराई जाए।

अगली सुनवाई में मांगी विस्तृत जानकारी

हाईकोर्ट ने संकेत दिया कि रिम्स की भूमि, निर्माण कार्य और नियुक्तियों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। अदालत ने संबंधित पक्षों से अगली सुनवाई तक विस्तृत और स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।

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