शादी के दो दिन बाद दी BPSC परीक्षा, अब पति बने BPRO और पत्नी बनीं DSP

Rupa Kumari | June 25, 2026 | 05:37 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, धनबाद : झारखंड के धनबाद जिले के झरिया निवासी एक नवविवाहित दंपति ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर मिसाल पेश की है। शादी की रस्मों और सामाजिक व्यस्तताओं के बीच भी उन्होंने अपने सपनों को प्राथमिकता दी और आज दोनों सरकारी सेवा में महत्वपूर्ण पदों पर चयनित हुए हैं। झरिया के चौथाई कुल्ही, भालगोड़ा निवासी विकास कुमार सिंह और उनकी पत्नी कोमल कुमारी सिंह की सफलता की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

शादी के दो दिन बाद पहुंच गए परीक्षा केंद्र

विकास और कोमल की शादी 11 दिसंबर 2024 को हुई थी। शादी के महज दो दिन बाद, 13 दिसंबर को 70वीं बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा आयोजित हुई। उस समय विवाह की कई रस्में बाकी थीं, लेकिन दोनों ने अपने करियर और लक्ष्य को प्राथमिकता देते हुए परीक्षा में शामिल होने का फैसला किया। उस वक्त लिया गया यह निर्णय आज उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है।

70वीं BPSC में दोनों को मिली सफलता

70वीं बीपीएससी परीक्षा के अंतिम परिणाम में विकास कुमार सिंह का चयन प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (BPRO) के पद पर हुआ है। उन्होंने 1058वीं रैंक हासिल की है। वहीं उनकी पत्नी कोमल कुमारी सिंह ने 489वीं रैंक प्राप्त कर उप पुलिस अधीक्षक (DSP) पद के लिए चयनित होकर अपना सपना पूरा किया है। उनकी सफलता के बाद परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। विकास कुमार सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और बड़े भाई के मार्गदर्शन को दिया है। उन्होंने कहा कि परिवार के सहयोग और प्रोत्साहन ने उन्हें अपने लक्ष्य तक पहुंचने में मदद की। उनके परिवार में शिक्षा और मेहनत को हमेशा प्राथमिकता दी गई, जिसका सकारात्मक परिणाम आज देखने को मिला है।

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कोमल ने छोड़ी नौकरी, फिर हासिल की DSP की मंजिल

कोमल कुमारी सिंह की सफलता की कहानी भी संघर्ष और समर्पण से भरी है। वह पहले राजस्व कर्मचारी के पद पर कार्यरत थीं, लेकिन प्रशासनिक सेवा में जाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने नौकरी छोड़ दी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुट गईं। लगातार मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने दूसरे प्रयास में DSP पद हासिल कर अपनी मेहनत को सफल बनाया। विकास और कोमल की कहानी यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर किए जाएं, तो परिस्थितियां चाहे जैसी हों, सफलता हासिल की जा सकती है। आज यह दंपति हजारों प्रतियोगी छात्रों के लिए प्रेरणा बन गया है, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

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