Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले बुधवार को राज्यभर से आए आंदोलनकारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास घेराव का प्रयास किया। मोरहाबादी मैदान से जुलूस की शक्ल में निकले प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने सिदो-कान्हो पार्क के समीप बैरिकेडिंग कर रोक दिया, जिसके बाद आंदोलनकारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारी ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक मांदर के साथ अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते नजर आए। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।
विभिन्न जिलों से पहुंचे आंदोलनकारी
आंदोलन में रांची, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, रामगढ़ और दुमका समेत कई जिलों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और “जय झारखंड” के नारों के साथ अपनी मांगों को लेकर विरोध जताते रहे। प्रदर्शन में दुमका से आई गीता मुर्मू भी अपने 10 वर्षीय बेटे देव मरांडी के साथ शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई को लेकर वे इस आंदोलन में शामिल होने पहुंची हैं।

मान-सम्मान, पेंशन और नौकरी की मांग
झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा लंबे समय से राज्य आंदोलनकारियों के लिए राजकीय सम्मान, पेंशन राशि में बढ़ोतरी, उचित मुआवजा तथा आश्रितों को सरकारी नौकरी और रोजगार देने की मांग उठा रहा है। मोर्चा का कहना है कि झारखंड राज्य निर्माण आंदोलन में योगदान देने वाले आंदोलनकारियों और उनके परिवारों को अब भी अपेक्षित सम्मान और सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। इसी को लेकर संगठन लगातार सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रहा है। संगठन के संस्थापक एवं प्रधान सचिव पुष्कर महतो समेत अन्य पदाधिकारियों के नेतृत्व में आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण प्रदर्शन
मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। बैरिकेडिंग के जरिए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका गया। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और आंदोलनकारी सड़क पर बैठकर अपनी मांगों के समर्थन में धरना देते रहे।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।
