ड्रिंक एंड ड्राइव में 10 हजार का चालान, फिर DC-SSP कार्यालय के बाहर बैठकर पीने लगा शराब; युवक के दावे से छिड़ी बहस

Rupa Kumari | June 4, 2026

Samachar Post रिपोर्टर, जमशेदपुर: ड्रिंक एंड ड्राइव के मामले में 10 हजार रुपये का चालान कटने के बाद एक युवक ने ऐसा कदम उठाया, जिसकी शहरभर में चर्चा हो रही है। युवक ने दावा किया कि चालान काटने के बाद उसे पुलिसकर्मियों ने कहा कि अब वह 24 घंटे तक “फ्री” है। इसी दावे के विरोधस्वरूप उसने जिला मुख्यालय स्थित DC-SSP कार्यालय के बाहर कार खड़ी कर शराब पीना शुरू कर दिया।

चालान के बाद सीधे पहुंचा शराब दुकान

जानकारी के अनुसार सोनारी झबरी बस्ती निवासी युवक बुधवार रात अपनी कार से निकला था। साईं मंदिर के पास ट्रैफिक पुलिस ने उसे रोका और ब्रेथ एनालाइजर से जांच की। जांच में शराब पीकर वाहन चलाने की पुष्टि होने पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। युवक का कहना है कि उसने मौके पर ही यूपीआई के माध्यम से जुर्माना जमा किया। इसके बाद उसने पुलिसकर्मियों से पूछा कि अब वह क्या कर सकता है। युवक का दावा है कि उसे जवाब मिला कि वह 24 घंटे तक “फ्री” है।

विरोध जताने के लिए DC-SSP कार्यालय पहुंचा

युवक ने इस कथित जवाब को चुनौती के रूप में लिया। वह एक शराब दुकान पहुंचा, शराब खरीदी और सीधे DC-SSP कार्यालय के बाहर पहुंच गया। वहां उसने कार खड़ी की और खुलेआम शराब पीने लगा। उसका कहना था कि यदि उसका यह कृत्य गलत है तो उसके खिलाफ एक और मामला दर्ज किया जाए, अन्यथा कानून को लेकर स्पष्टता होनी चाहिए। युवक का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। लोगों के बीच इस बात को लेकर बहस छिड़ गई है कि क्या वास्तव में चालान कटने के बाद ऐसी कोई कानूनी छूट होती है या युवक ने पुलिस की बात को गलत तरीके से समझा।

कानून की समझ को लेकर उठे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने कानून के पालन और उसकी सही जानकारी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। युवक का तर्क है कि यदि शराब पीकर वाहन चलाना गंभीर अपराध है, तो सिर्फ जुर्माना लेकर छोड़ देना और फिर कथित तौर पर “24 घंटे की छूट” जैसी बात कहना विरोधाभासी है। हालांकि, मोटर वाहन अधिनियम के तहत ड्रिंक एंड ड्राइव का चालान कटना किसी व्यक्ति को सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने या अन्य नियमों का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं देता। सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन और कानून-व्यवस्था से जुड़े नियम अलग-अलग प्रावधानों के तहत लागू होते हैं।

यह भी पढ़ें: राजनगर को मिली विकास की नई सौगात, चंपाई सोरेन ने 6 किमी सड़क निर्माण कार्य का किया शिलान्यास

बहस का केंद्र बना मामला

फिलहाल यह मामला सिर्फ एक युवक के विरोध तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कानून की सही व्याख्या, जागरूकता और उसके प्रभावी अनुपालन को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाता है और युवक के दावों की क्या सच्चाई सामने आती है।

Share this news

संबंधित खबरें