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एआई के दौर में भी डॉक्टर की सबसे बड़ी पहचान उसकी संवेदनशीलता है : राज्यपाल

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Samachar Post रिपोर्टर, जमशेदपुर: झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और आधुनिक तकनीकों ने चिकित्सा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं, लेकिन एक डॉक्टर की सबसे बड़ी ताकत आज भी उसकी मानवीय संवेदनाएं ही हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों को केवल दवा नहीं, बल्कि भरोसा, सहानुभूति और मानसिक संबल देना भी चिकित्सक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। राज्यपाल रविवार को मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज (एमटीएमसी) के प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई देते हुए चिकित्सा पेशे की नैतिक जिम्मेदारियों को हमेशा याद रखने की सलाह दी।

पहला दीक्षांत समारोह संस्थान के लिए ऐतिहासिक क्षण

राज्यपाल ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान का पहला ग्रेजुएशन समारोह केवल विद्यार्थियों की सफलता का उत्सव नहीं होता, बल्कि यह संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा का भी प्रतीक होता है। उन्होंने कहा कि पहले बैच के विद्यार्थियों पर विशेष जिम्मेदारी होती है, क्योंकि उनके कार्य और उपलब्धियां ही आने वाले वर्षों में संस्थान की पहचान तय करती हैं।

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मेडिकल शिक्षा कठिन परिश्रम का परिणाम

अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि मेडिकल की पढ़ाई अनुशासन, समर्पण और वर्षों की कठिन मेहनत की मांग करती है। आज डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों ने अपने परिश्रम और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कहा कि डिग्री प्राप्त करना किसी यात्रा का अंत नहीं, बल्कि समाज और मानवता की सेवा की नई शुरुआत है। राज्यपाल ने कहा कि एक सफल डॉक्टर बनने के लिए सिर्फ मेडिकल साइंस का ज्ञान पर्याप्त नहीं है। मरीज के दर्द को समझना, उसकी भावनाओं का सम्मान करना और उसे मानसिक रूप से मजबूत बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कई बार डॉक्टर का व्यवहार और सकारात्मक संवाद ही मरीज के इलाज में बड़ी भूमिका निभाता है।

एआई और रोबोटिक्स बदल रहे स्वास्थ्य क्षेत्र की तस्वीर

संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि आज स्वास्थ्य सेवाओं में AI, रोबोटिक्स और डिजिटल हेल्थकेयर का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इन तकनीकों की मदद से बीमारियों की पहचान और उपचार पहले की तुलना में अधिक सटीक और प्रभावी हो रहे हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी तकनीक डॉक्टर की मानवीय संवेदनाओं का विकल्प नहीं बन सकती। मशीनें इलाज में सहायता कर सकती हैं, लेकिन मरीज को भावनात्मक सहारा केवल एक संवेदनशील चिकित्सक ही दे सकता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत

राज्यपाल ने कहा कि झारखंड की बड़ी आबादी आज भी ग्रामीण और जनजातीय इलाकों में निवास करती है, जहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता है। उन्होंने युवा डॉक्टरों से आग्रह किया कि वे अपनी प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं, बल्कि समाज और जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए भी करें। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में योगदान देने का आह्वान किया। अपने संबोधन के अंत में राज्यपाल ने विश्वास जताया कि मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज आने वाले वर्षों में चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत पहचान स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि यह संस्थान भविष्य में ऐसे डॉक्टर तैयार करेगा जो न केवल चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करेंगे, बल्कि समाज और देश की सेवा में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

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Rupa Kumari

Reporter | Samachar Postमैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।See Profile

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