Samachar Post रिपोर्टर, रांची: रांची के चर्चित रिम्स जमीन घोटाला मामले में एसीबी की विशेष अदालत ने बड़ा कदम उठाया है। गिरफ्तार आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) से केस डायरी तलब की है। मामले की अगली सुनवाई अब 22 मई को होगी। अदालत के इस कदम के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
दो आरोपियों ने दाखिल की जमानत याचिका
जानकारी के अनुसार इस मामले में गिरफ्तार आरोपी राजकिशोर बड़ाईक और कार्तिक बड़ाईक ने जमानत के लिए अदालत में याचिका दाखिल की है। सुनवाई के दौरान अदालत ने जांच एजेंसी से केस डायरी पेश करने को कहा, ताकि पूरे मामले की जांच की स्थिति और आरोपों की प्रकृति को समझा जा सके।
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क्या है रिम्स जमीन घोटाला मामला
यह मामला रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान की अधिग्रहित जमीन से जुड़ा है। आरोप है कि सरकारी जमीन को निजी संपत्ति दिखाने के लिए फर्जी वंशावली तैयार की गई और फिर जमीन की खरीद-बिक्री की गई। बताया जा रहा है कि करीब 9.65 एकड़ जमीन पर कथित तौर पर अवैध कब्जा कर अपार्टमेंट, दुकान और मकान तक बना दिए गए थे। बाद में झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई भी की गई थी।
ACB ने चार आरोपियों को किया था गिरफ्तार
मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने 7 अप्रैल को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि सभी आरोपियों ने मिलकर जमीन से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर की और फर्जी कागजात के जरिए सरकारी जमीन को निजी जमीन साबित करने की कोशिश की।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई जांच
इस मामले की जांच झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश के बाद तेज हुई थी। इसके बाद ACB ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।
अब अदालत द्वारा केस डायरी तलब किए जाने से साफ है कि कोर्ट भी जांच की प्रगति पर करीबी नजर बनाए हुए है। अब सभी की नजर 22 मई को होने वाली अगली सुनवाई पर है, जहां अदालत जमानत याचिका और जांच से जुड़ी रिपोर्ट पर आगे फैसला ले सकती है।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।