Samachar Post रिपोर्टर, रांची :पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से पहले झारखंड में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। 23 अप्रैल को होने वाले मतदान को देखते हुए राज्य के सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। झारखंड-बंगाल सीमा से सटे 5 किलोमीटर के दायरे को सील कर दिया गया है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
10 जिलों में सख्त निगरानी
साहिबगंज, पाकुड़, दुमका, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, रांची, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम सहित कुल 10 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है ताकि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को रोका जा सके। सीमावर्ती जिलों में 52 अस्थायी चेकपोस्ट बनाए गए हैं। यहां से गुजरने वाले हर वाहन की जांच की जा रही है। संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।
शराब दुकानों पर अस्थायी रोक
चुनाव के मद्देनजर सीमा से 5 किलोमीटर के भीतर आने वाली 50 शराब दुकानों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। यह बंदी 21 अप्रैल शाम 6 बजे से 23 अप्रैल शाम 6 बजे तक प्रभावी रहेगी, ताकि चुनाव के दौरान शराब के दुरुपयोग को रोका जा सके। इंटेलिजेंस एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हैं और सीमा से जुड़े गुप्त रास्तों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य किसी भी अवैध आवाजाही या गतिविधि को समय रहते रोकना है।
झारखंड-बंगाल पुलिस में तालमेल
दोनों राज्यों की पुलिस के बीच लगातार समन्वय बना हुआ है। सीमा से जुड़े संवेदनशील और गुप्त मार्गों की जानकारी साझा की जा रही है ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो। बंगाल चुनाव के लिए कुल 2407 कंपनियां तैनात की गई हैं, जिनमें झारखंड सशस्त्र पुलिस और आईआरबी की 33 कंपनियां भी शामिल हैं। करीब 2640 जवान चुनावी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं।
चुनाव के बाद भी जारी रह सकती है निगरानी
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि मतदान के बाद भी कुछ समय तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी जाएगी और केंद्रीय बलों की तैनाती जारी रह सकती है, ताकि किसी भी तरह की हिंसा या अशांति को रोका जा सके।
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