Samachar Post रिपोर्टर, जामताड़ा:झारखंड के जामताड़ा जिले में ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के लिए एक अनूठी पहल शुरू की गई है। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) द्वारा “सहजन डाली लगाओ अभियान” की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य सुधार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
90 हजार परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य
यह अभियान 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलाया जाएगा। जिले के सभी छह प्रखंडों में इसे लागू किया गया है। लक्ष्य है कि सखी मंडल से जुड़े करीब 90 हजार परिवारों के घरों में कम से कम एक सहजन (मोरिंगा) की डाली लगाई जाए। अभियान की शुरुआत उत्साहजनक रही है और अब तक 20 हजार से अधिक सहजन की डालियां लगाई जा चुकी हैं।
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‘सुपरफूड’ से सेहत में सुधार
सहजन को ‘सुपरफूड’ माना जाता है, क्योंकि इसमें विटामिन A, C, कैल्शियम और आयरन प्रचुर मात्रा में होते हैं। इसके सेवन से महिलाओं और बच्चों में कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याओं को कम करने में मदद मिलती है। साथ ही यह रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है।
महिलाओं की आय बढ़ाने का माध्यम
इस अभियान के जरिए सखी मंडल की महिलाओं को सहजन के औषधीय और आर्थिक महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है। सहजन की फलियां, पत्तियां और फूल बाजार में अच्छी कीमत पर बिकते हैं, जिससे महिलाएं अतिरिक्त आय अर्जित कर सकती हैं।
राज्य में पहली बार इतना बड़ा अभियान
झारखंड में पहली बार इतने बड़े स्तर पर सहजन रोपण का अभियान जामताड़ा से शुरू किया गया है। यह पहल न सिर्फ कुपोषण दूर करने में मदद करेगी, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

