Samachar Post रिपोर्टर, रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिलों के अधिकारियों को 15 जून तक मतदाता सूची मैपिंग का कार्य हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।
15 जून तक मैपिंग पूरा करने का निर्देश
निर्वाचन सदन, रांची से आयोजित ऑनलाइन समीक्षा बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ विशेष पुनरीक्षण अभियान की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मतदाता सूची मैपिंग, दस्तावेज सत्यापन और आगामी प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।
मैप्ड मतदाताओं को नहीं देना होगा अतिरिक्त दस्तावेज
अधिकारियों को बताया गया कि जिन मतदाताओं का नाम पूर्व की मतदाता सूची से सही तरीके से मैप हो चुका है, उन्हें सामान्यतः कोई अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं अनमैप्ड मतदाताओं को निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ERO) की ओर से नोटिस मिलने पर आवश्यक प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने होंगे।
गलत मैपिंग पर भी होगी सुनवाई
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि गलत मैपिंग के मामलों को भी गंभीरता से लिया जाए। ऐसे मामलों को एनोमली केस के रूप में चिह्नित किया जाएगा और संबंधित ईआरओ सुनवाई के बाद आदेश जारी करेंगे। इन मामलों में भी नोटिस, दावा-आपत्ति और निस्तारण की पूरी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
अनमैप्ड मतदाताओं तक पहुंचने का निर्देश
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अनमैप्ड मतदाताओं से व्यक्तिगत संपर्क कर आवश्यक जानकारी जुटाई जाए। साथ ही ऐसे मतदाताओं की पहचान भी की जाए जो स्थानांतरित हो चुके हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जिनका नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज है या जो भारतीय नागरिक नहीं हैं।
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केवल पात्र भारतीय नागरिक ही होंगे शामिल
के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए है। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि किसी भी गैर-भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने उन बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) से भी संवाद किया, जिनके क्षेत्रों में मैपिंग कार्य अपेक्षाकृत धीमा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बीएलओ को आवश्यक प्रशिक्षण और सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
लंबित आवेदन जल्द निपटाने का निर्देश
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी जिलों को 15 जून तक फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 से जुड़े लंबित आवेदनों का निपटारा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी जिले में इन मामलों की पेंडेंसी नहीं रहनी चाहिए। निर्वाचन विभाग के अनुसार दावा-आपत्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संशोधित और अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।