झारखंड में SIR को लेकर भ्रम फैलाने वालों को चेतावनी, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बोले- किसी भी पात्र मतदाता का नाम नहीं कटेगा

Rupa Kumari | July 20, 2026 | 05:33 PM IST
  • सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को बताया भ्रामक, कहा- मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए चल रहा है विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दावों को भ्रामक और निराधार बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में राज्य में एसआईआर का इन्यूमरेशन चरण चल रहा है, जिसमें मतदाताओं के फॉर्म भरने, पुराने रिकॉर्ड से मिलान, दस्तावेजों के डिजिटाइजेशन और सत्यापन का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वर्तमान मतदाता सूची में शामिल किसी भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम नहीं हटाया जाएगा।

सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दावों का खंडन

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह दावा किया जा रहा है कि आदिवासी क्षेत्रों के प्रत्येक बूथ पर 30 प्रतिशत मतदाताओं के नाम तार्किक विसंगति सूची में शामिल हैं और लाखों आदिवासी मतदाताओं के नाम कट सकते हैं। उन्होंने इन दावों को पूरी तरह असत्य और भ्रामक बताते हुए कहा कि ऐसी अफवाहों से लोगों को भ्रमित नहीं होना चाहिए। के. रवि कुमार ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान तार्किक विसंगतियों की पहचान करना एक नियमित प्रक्रिया है। इसके तहत मतदाताओं के नाम, उम्र, माता-पिता या पति-पत्नी से संबंधित लिपिकीय त्रुटियों का सत्यापन किया जाता है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों द्वारा नोटिस जारी कर दस्तावेजों के आधार पर त्रुटियों का सुधार किया जाएगा।

आदिवासी और आदिम जनजातीय समुदायों को मिलेगा विशेष सहयोग

उन्होंने कहा कि जिन आदिम जनजातीय और जनजातीय मतदाताओं की जानकारी में विसंगतियां पाई जाएंगी या जिनकी मैपिंग नहीं हो पाएगी, उन्हें अंचल कार्यालयों में उपलब्ध खतियान, वंशावली और अन्य सरकारी अभिलेखों के आधार पर हरसंभव सहायता दी जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से बाहर न रहे। राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर वृद्ध, दिव्यांग और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले मतदाताओं की सहायता के लिए विशेष वोलेंटियर्स तैनात किए गए हैं। ये वोलेंटियर्स फॉर्म भरने, दस्तावेज उपलब्ध कराने और अन्य प्रक्रियाओं में सहयोग कर रहे हैं।

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22 जुलाई को होगी बीएलओ और बीएलए-2 की बैठक

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची को और अधिक शुद्ध बनाने के लिए 22 जुलाई को बीएलओ और बीएलए-2 की बैठक आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही चुनाव पाठशाला का भी आयोजन होगा, जिसमें मतदाताओं और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।

लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है शुद्ध मतदाता सूची

के. रवि कुमार ने कहा कि त्रुटिरहित और पारदर्शी मतदाता सूची मजबूत लोकतंत्र की आधारशिला है। उन्होंने सभी मतदाताओं, राजनीतिक दलों और संबंधित अधिकारियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि एक भी पात्र मतदाता का नाम न कटे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।

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