झारखंड में क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर अमेरिकी कंपनियों की बड़ी रुचि, निवेश और तकनीकी सहयोग पर हुई चर्चा

Rupa Kumari | June 16, 2026 | 05:27 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में दुर्लभ एवं रणनीतिक महत्व के खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) की खोज, खनन और प्रसंस्करण को लेकर अमेरिकी कंपनियों ने गहरी रुचि दिखाई है। इस संबंध में मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार  और अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की प्रतिनिधि (क्रिटिकल मिनरल्स) के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया।

खनिज संसाधनों और निवेश पर विस्तार से चर्चा

बैठक के दौरान झारखंड सरकार की ओर से राज्य के खनिज संसाधनों और निवेश संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। अधिकारियों ने बताया कि झारखंड देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में शामिल है, जहां कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, तांबा, सोना और चूना पत्थर जैसे प्रमुख खनिजों के बड़े भंडार मौजूद हैं। इसके साथ ही राज्य में 20 से अधिक प्रकार के क्रिटिकल मिनरल्स भी पाए जाते हैं, जिनमें लिथियम, टाइटेनियम, वैनेडियम, सिल्वर और ग्रेफाइट जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं।

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आधुनिक तकनीक और निवेश पर जोर

मुख्य सचिव ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को झारखंड में खनिज अन्वेषण, खनन और तकनीक आधारित निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वैश्विक स्तर की कंपनियों के साथ साझेदारी कर खनन क्षेत्र को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।बैठक में यह भी चर्चा हुई कि उन्नत तकनीकों के उपयोग से खनिज ब्लॉकों के विकास और उनके प्रभावी संचालन की संभावनाएं काफी बढ़ सकती हैं।

अमेरिकी कंपनियों की सक्रिय रुचि

जानकारी के अनुसार, अमेरिकी खनन कंपनियों के संगठन USISPA ने झारखंड सरकार से संपर्क कर राज्य में खनिज ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने की इच्छा जताई है। संगठन ने विशेष रूप से क्रिटिकल मिनरल्स की खोज, खनन और प्रसंस्करण में भागीदारी की रुचि दिखाई है। इस बैठक में खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल,  खान निदेशक राहुल कुमार सिन्हा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। अब अमेरिकी कंपनियों के प्रस्तावों पर राज्य सरकार को आगे निर्णय लेना है, जिस पर निवेश और तकनीकी सहयोग की दिशा तय होगी।

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