मेटा ग्लोबल हैकाथॉन में चमके जामताड़ा के शोएब शमा, ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर बढ़ाया मान

Rupa Kumari | June 4, 2026

Samachar Post रिपोर्टर, जामताड़ा : छोटे से कस्बे करमाटांड़ से निकलकर वैश्विक तकनीकी मंच पर अपनी पहचान बनाने वाले युवा शोएब शमा आज झारखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। मेटा ग्लोबल हैकाथॉन में ऑल इंडिया रैंक-1 और ग्लोबल रैंक-7 हासिल कर उन्होंने न सिर्फ जामताड़ा बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। वर्तमान में वे टेक कंपनी रिपलिंग में कार्यरत हैं। शोएब ने शुरुआती शिक्षा पूरी करने के बाद जेईई मेन परीक्षा में सफलता हासिल की और दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में दाखिला लिया। कॉलेज के दिनों से ही तकनीक और नवाचार के प्रति उनकी गहरी रुचि रही। DTU में अध्ययन के दौरान वे टेक्निकल सोसाइटी के अध्यक्ष भी रहे और छात्रों के बीच तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर बनाई पहचान

मेटा ग्लोबल हैकाथॉन में शानदार प्रदर्शन करते हुए शोएब ने ऑल इंडिया रैंक-1 और ग्लोबल रैंक-7 हासिल की। यह उपलब्धि उनकी तकनीकी समझ, समस्या समाधान क्षमता और नवाचार कौशल का प्रमाण मानी जा रही है। इसके अलावा उन्हें “वर्ल्ड्स बेस्ट क्विज़र अवॉर्ड” से भी सम्मानित किया जा चुका है। मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भी उन्होंने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रतिष्ठित EY मशीन लर्निंग प्रतियोगिता में भी उन्होंने ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

सामाजिक सरोकारों से भी जुड़े रहे

तकनीकी उपलब्धियों के साथ-साथ शोएब सामाजिक जिम्मेदारियों को भी महत्व देते हैं। उन्हें यूनाइटेड नेशंस अकैडमिक इम्पैक्ट (UNAI) द्वारा संचालित मिलेनियम फेलोशिप के लिए चुना गया था। इस दौरान उन्होंने सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और सामाजिक बदलाव से जुड़े कई कार्यक्रमों में योगदान दिया। अपनी उपलब्धियों और अनुभवों के कारण शोएब को देश के कई प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में गेस्ट स्पीकर के रूप में आमंत्रित किया जाता है। उन्होंने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी और  IGDTUW  समेत कई संस्थानों में छात्रों को करियर, तकनीक, नवाचार और आत्मविश्वास से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।

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टेक इंडस्ट्री में मजबूत पहचान

कॉलेज के दौरान शोएब को स्प्रिंकलर में इंटर्नशिप का अवसर मिला, जिसे संस्थान की सबसे प्रतिष्ठित इंटर्नशिप में गिना जाता है। इसके बाद उन्होंने फिटनेस टेक्नोलॉजी क्षेत्र में भी काम किया और अपने कौशल को और निखारा। वर्तमान में वे ‘रिपलिंग’ में आधुनिक तकनीकों और नवाचार आधारित समाधानों पर कार्य कर रहे हैं। करमाटांड़ जैसे छोटे शहर से निकलकर वैश्विक तकनीकी मंच पर पहचान बनाने वाले शोएब शमा की सफलता यह साबित करती है कि प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी उपलब्धियां आज जामताड़ा समेत पूरे झारखंड के युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा दे रही हैं।

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