Samachar Post रिपोर्टर, रांची: झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। कोल्हान के सारंडा जंगल क्षेत्र में सक्रिय माओवादी संगठन से जुड़े 25 नक्सली आज रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में डीजीपी तदाशा मिश्रा के समक्ष आत्मसमर्पण करेंगे।
सरेंडर करने वालों में बड़े कैडर के नक्सली शामिल
आत्मसमर्पण करने वालों में तीन जोनल कमांडर, छह सब-जोनल कमांडर, छह एरिया कमांडर और 10 दस्ता सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें कई इनामी नक्सली भी शामिल हैं, जो लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में थे। सूत्रों के अनुसार, 10 लाख के इनामी जोनल कमिटी सदस्य चंदन लोहरा और अन्य कुख्यात नक्सली भी आत्मसमर्पण करेंगे।
यह भी पढ़ें: JTET 2026 के लिए आवेदन की तारीख बढ़ी, अब 2 जून तक भर सकेंगे फॉर्म
भारी मात्रा में हथियार सौंपने की संभावना
जानकारी के मुताबिक, सरेंडर करने वाले नक्सली लगभग डेढ़ दर्जन आधुनिक हथियार भी सुरक्षा बलों को सौंप सकते हैं। इनमें एलएमजी, इंसास राइफल और एसएलआर जैसे हथियार शामिल बताए जा रहे हैं। सरेंडर करने वाले सभी नक्सलियों को झारखंड पुलिस की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, ताकि वे मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन शुरू कर सकें।
संगठन को बड़ा झटका, अभी भी सक्रिय सदस्य मौजूद
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह आत्मसमर्पण माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका है, खासकर सारंडा क्षेत्र में सक्रिय मिसिर बेसरा नेटवर्क के लिए। हालांकि अभी भी करीब 20 नक्सली जंगलों में सक्रिय बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है।सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा दबाव के कारण नक्सली अब छोटे-छोटे समूहों में बंटकर जंगल और ग्रामीण इलाकों में छिपने की कोशिश कर रहे हैं। इसको देखते हुए सुरक्षा बलों ने संवेदनशील इलाकों में सघन तलाशी अभियान तेज कर दिया है।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।