मंईयां सम्मान योजना : महिलाओं को एक साथ मिल सकती है दो महीने की किस्त, सरकार ने जारी किया फंड

Rupa Kumari | May 14, 2026 | 02:36 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची: झारखंड की मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना से जुड़ी लाखों महिलाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे इंतजार के बाद अब अप्रैल और मई महीने की किस्त एक साथ मिलने की संभावना बढ़ गई है। राज्य सरकार ने जिलों को योजना मद में राशि आवंटित कर दी है, जिसके बाद भुगतान प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। जानकारी के मुताबिक, सरकार की ओर से जिलों को फंड जारी किए जाने के बाद दोनों महीनों की राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में एक साथ ट्रांसफर की जा सकती है। इससे उन महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी, जो पिछले कुछ समय से भुगतान का इंतजार कर रही थीं।

एकमुश्त खाते में आ सकते हैं 5000 रुपये

मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। ऐसे में अगर अप्रैल और मई दोनों महीनों की राशि एक साथ जारी होती है, तो लाभार्थियों के खाते में कुल 5000 रुपये जमा हो सकते हैं। यह राशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जाती है।

यह भी पढ़ें: धनबाद में कारोबारी के घर बमबाजी, बाल-बाल बचा परिवार; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

किन महिलाओं को मिलेगा लाभ

योजना का लाभ उन्हीं महिलाओं को मिलेगा, जिनका नाम स्वीकृत लाभार्थी सूची में शामिल है और जिनका बैंक खाता आधार से लिंक है। जिन मामलों में दस्तावेज अधूरे हैं या सत्यापन लंबित है, वहां भुगतान रुक सकता है। सरकार की ओर से लगातार लाभार्थियों के डेटा का मिलान और सत्यापन भी किया जा रहा है।

पैसा नहीं आया तो क्या करें

अगर किसी लाभार्थी के खाते में राशि नहीं पहुंचती है, तो वे इन जरूरी चीजों की जांच कर सकती हैं। बैंक खाते में DBT स्टेटस चेक करें, आधार सीडिंग की स्थिति जांचें, संबंधित प्रखंड कार्यालय या सामाजिक सुरक्षा कार्यालय से संपर्क करें। योजना पोर्टल पर लाभार्थी स्टेटस देखें लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत मंईयां सम्मान योजना झारखंड की महिलाओं के लिए बड़ी आर्थिक सहायता मानी जाती है। कई परिवार इस राशि का इस्तेमाल घर के खर्च, बच्चों की पढ़ाई, इलाज और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में करते हैं। ऐसे में दो महीने की किस्त एक साथ मिलने की खबर से राज्य की लाखों महिलाओं में उम्मीद बढ़ गई है।

Share this news

संबंधित खबरें