पेपर लीक मामलों पर PM मोदी के बयान के बाद CM सम्राट चौधरी की प्रतिक्रिया, बोले- दोषियों को किसी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा

Rupa Kumari | July 23, 2026 | 03:13 PM IST

Samachar Post डेस्क, पटना : पेपर लीक मामलों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से की गई टिप्पणी के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संदेश में कहा कि देश के युवा भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं। उनके सपनों, मेहनत और भविष्य को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार युवाओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना और प्रतिभाशाली छात्रों के साथ न्याय सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में आवश्यक कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।

PM मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट गठन की कही बात

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि ऐसे मामलों में दोषियों को जल्द और कठोर दंड दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं ताकि मामलों का त्वरित निस्तारण हो सके। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता पर जोर

पेपर लीक के मुद्दे को लेकर देशभर में लगातार चर्चा और विरोध-प्रदर्शन के बीच केंद्र और राज्य स्तर पर सरकारों की ओर से सख्त रुख अपनाने की बात कही जा रही है। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। इसी कड़ी में फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई को महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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