Samachar Post रिपोर्टर, जमशेदपुर: स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की गुवा लौह अयस्क खदान में सोमवार सुबह से ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन चक्का जाम शुरू कर दिया। मुंडा-मानकी संघ के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए हैं। आंदोलन के कारण खदान से लौह अयस्क का परिवहन पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे उत्पादन और सप्लाई प्रभावित होने लगी है।
समझौता नहीं मानने का आरोप
आंदोलनकारियों का आरोप है कि सेल प्रबंधन ने पिछले आंदोलन के बाद हुए लिखित समझौते का पालन नहीं किया। ग्रामीणों के अनुसार 13 दिनों तक चले आंदोलन के बाद यह सहमति बनी थी कि रांजाबुरु माइंस में ड्राइवर, खलासी और अन्य चतुर्थ श्रेणी पदों पर स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि इसके बावजूद बाहरी मजदूरों की बहाली जारी है, जिससे स्थानीय युवाओं में भारी नाराजगी है।
यह भी पढ़ें: कोडरमा में संदिग्ध परिस्थितियों में 55 वर्षीय व्यक्ति का शव मिला, पुलिस जांच में जुटी
500 स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग
आंदोलनकारी केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय अधिकार और पर्यावरणीय सुरक्षा की मांग भी उठा रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि गुवा सेल परियोजना में कम से कम 500 स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया जाए और झारखंड सरकार की 75 प्रतिशत स्थानीय नियोजन नीति को सख्ती से लागू किया जाए।
कारो नदी में ‘लाल पानी’ को लेकर भी विरोध
ग्रामीणों ने कारो नदी में बह रहे कथित ‘लाल पानी’ को तुरंत रोकने की मांग भी उठाई है। आंदोलन में शामिल मजदूर केशव प्रधान ने आरोप लगाया कि खदान से निकलने वाला लाल पानी खेतों तक पहुंच रहा है, जिससे खेती योग्य जमीन बंजर होती जा रही है। उनका कहना है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो इलाके की कृषि व्यवस्था और किसानों की आजीविका गंभीर संकट में पड़ सकती है।
प्रशासन ने शुरू की वार्ता
चक्का जाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से बातचीत शुरू की। अधिकारियों ने उनकी मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है। हालांकि मुंडा-मानकी संघ ने स्पष्ट कहा है कि जब तक ठोस समाधान और लिखित आश्वासन नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा। संघ ने जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी भी दी है।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।