Samachar Post रिपोर्टर, रांची: हजारीबाग वनभूमि घोटाला मामले में आरोपी आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे की जमानत याचिका पर गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई। यह सुनवाई जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की अदालत में हुई, जहां दोनों पक्षों की दलीलें विस्तार से सुनी गईं। अदालत ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है।
एसीबी ने आरोपों को बताया गंभीर
सुनवाई के दौरान एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने अदालत को बताया कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है। एसीबी ने दलील दी कि मामले में अभी और गहन जांच की आवश्यकता है, इसलिए जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
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बचाव पक्ष ने कहा– आरोप निराधार
बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि विनय चौबे पूरी तरह निर्दोष हैं और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप ठोस सबूतों पर आधारित नहीं हैं। वकीलों ने अदालत को बताया कि आरोपी जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और उन्हें हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं है। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि अधिकारी को झूठे आरोपों में फंसाया गया है। उन्होंने जमानत देने की मांग करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर वे जांच एजेंसियों के सामने उपस्थित होते रहेंगे।
एसीबी कांड संख्या 11/2025 से जुड़ा मामला
यह मामला एसीबी हजारीबाग द्वारा दर्ज कांड संख्या 11/2025 से संबंधित है, जिसमें वनभूमि घोटाले और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। सभी पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अब हाईकोर्ट के फैसले पर सबकी नजरें टिकी हैं।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।