Samachar Post रिपोर्टर, गढ़वा: गढ़वा जिला प्रशासन ने सरकारी राशि की सुरक्षा और वित्तीय प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उपायुक्त अनन्य मित्तल के निर्देश पर 25 अप्रैल को समाहरणालय सभागार में डीडीओ, प्रधान सहायक और बिलिंग क्लर्कों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
बोकारो-हजारीबाग मामले के बाद बढ़ी सतर्कता
हाल में बोकारो और हजारीबाग में वेतन मद से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी के मामले सामने आने के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया है। जांच में सामने आया कि यह सुनियोजित तरीके से की गई वित्तीय गड़बड़ी थी। इसी को देखते हुए गढ़वा प्रशासन ने पहले से ही एहतियाती कदम उठाने का फैसला लिया है। एक दिवसीय कार्यशाला में निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (DDO), प्रधान सहायक और बिलिंग क्लर्कों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रशिक्षण का उद्देश्य वित्तीय प्रक्रिया को सुरक्षित, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है।
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फर्जी निकासी रोकने पर रहेगा फोकस
प्रशिक्षण में बिलिंग प्रक्रिया की जांच, तकनीकी त्रुटियों से बचाव और फर्जी निकासी रोकने के उपायों पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि प्रारंभिक स्तर पर सतर्कता बरतने से बड़े घोटालों को रोका जा सकता है।
चार सत्रों में होगा प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम चार चरणों में आयोजित किया जाएगा
- पहला सत्र: सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक
- दूसरा सत्र: 11:45 बजे से 12:30 बजे तक
- तीसरा सत्र: दोपहर 1:00 बजे से 1:45 बजे तक
- चौथा सत्र: 2:15 बजे से 3:00 बजे तक
प्रत्येक सत्र में अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा के साथ प्रैक्टिकल मार्गदर्शन दिया जाएगा। प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि सरकारी धन के उपयोग में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।