बिहार सरकार ने अवैध बालू कारोबार पर कड़ा रुख अपनाया, छापेमारी और सख्त कार्रवाई का निर्देश

Rupa Kumari | December 20, 2025 | 01:24 PM IST

Samachar Post डेस्क, बिहार: बिहार सरकार ने राज्य में अवैध बालू खनन और परिवहन पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। खान एवं भू-तत्व विभाग की समीक्षा बैठक में कई जिलों में बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों से अवैध बालू ढुलाई का मामला सामने आने के बाद सरकार ने कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं।

बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर सख्त नजर

समीक्षा बैठक में यह जानकारी मिली कि खासकर ट्रकों के जरिए बिना नंबर प्लेट के बालू का अवैध परिवहन किया जा रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए डिप्टी सीएम सह खान एवं भू-तत्व मंत्री विजय सिन्हा ने इसे रोकने के लिए कड़े कदम उठाने को कहा।

यह भी पढ़ें: बिहार के सरकारी स्कूलों में नए साल से लगेगा सीसीटीवी, बढ़ेगी सुरक्षा और निगरानी

विशेष छापेमारी अभियान चलाने का आदेश

विजय सिन्हा ने परिवहन और गृह विभाग को निर्देश दिया है कि राज्यभर में विशेष छापेमारी अभियान चलाया जाए। उन्होंने सभी जिलों के एसपी को संवेदनशील स्थानों की पहचान कर नियमित और आकस्मिक जांच करने का आदेश दिया।

थाना और क्षेत्रीय अधिकारी भी होंगे जिम्मेदार

मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि बिना नंबर प्लेट या बिना वैध कागजात वाले वाहन पकड़े जाते हैं, तो सिर्फ वाहन मालिक ही नहीं, बल्कि संबंधित थाना और क्षेत्र के अधिकारी भी जिम्मेदार माने जाएंगे।

घाट, गोदाम और सीमावर्ती इलाकों की नियमित जांच

अवैध बालू परिवहन पर रोक लगाने के लिए बालू घाटों, गोदामों, मुख्य सड़कों और सीमावर्ती इलाकों की नियमित जांच की जाएगी। बिना वैध परमिट या कागजात के बालू ले जाने वालों पर अब चेतावनी नहीं, बल्कि सीधे मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

सरकार ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। अवैध बालू परिवहन की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 94722 38821, 0612-2215360 और 9473191437 जारी किए गए हैं। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

पर्यावरण और सड़क सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा

खान एवं भू-तत्व विभाग का कहना है कि इन सख्त कदमों से अवैध बालू कारोबार पर नियंत्रण होगा, पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी और सड़क सुरक्षा के साथ-साथ खनिज संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

Share this news

संबंधित खबरें