JSSC-CGL पेपर लीक कांड का मास्टरमाइंड विनय साह गोरखपुर से गिरफ्तार, नेपाली सिम से छुपा रहा था लोकेशन

Meenu | November 21, 2025 | 11:07 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची :जेएसएससी सीजीएल कथित पेपर लीक मामले में फरार चल रहे मास्टरमाइंड विनय साह उर्फ हरिहर सिंह को आखिरकार पुलिस ने दबोच लिया। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने गुरुवार को गोरखपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित हनुमंत नगर कॉलोनी से उसे गिरफ्तार किया। विनय साह पूर्वोत्तर रेलवे के यांत्रिक कारखाना में सेक्शन इंजीनियर के पद पर तैनात था और इसी पहचान का सहारा लेकर वह महीनों से फरारी काट रहा था। गिरफ्तारी के बाद रेलवे महकमे में भी हलचल बढ़ गई है। जनवरी 2025 में झारखंड क्राइम ब्रांच ने उसके खिलाफ बीएनएस की गंभीर धाराओं और प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम 2023 के तहत केस दर्ज किया था।

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नेपाली सिम से लोकेशन छुपाता था

फरारी के दौरान वह गोरखपुर में कई ठिकाने बदलता रहा और ट्रेसिंग से बचने के लिए नेपाली सिम कार्ड इस्तेमाल करता था। झारखंड पुलिस की विशेष टीम ने यूपी एसटीएफ से सहयोग मांगा था। एसटीएफ की यूनिट लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। गुरुवार को पुख्ता जानकारी मिलने पर उसे घेराबंदी कर दबोच लिया गया। पूछताछ में उसने खुद की पहचान छिपाने की कोशिश की, लेकिन रांची क्राइम ब्रांच से सत्यापन के बाद उसकी पुष्टि कर ली गई। शुरुआती पूछताछ में उसने पेपर लीक मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।

रांची के होटल से रची गई थी पूरी साजिश

विनय साह ने बताया कि 22 सितंबर 2024 को आयोजित जेएसएससी सीजीएल परीक्षा का पेपर उसने अपने साथियों मनोज कुमार, शशिभूषण दीक्षित और संदीप त्रिपाठी के साथ मिलकर लीक किया था। साजिश रांची के जे स्क्योर होटल में तैयार की गई थी। परीक्षा से पहले कई अभ्यर्थियों को मोतिहारी–रक्सौल बॉर्डर के रास्ते नेपाल ले जाया गया, जहां उन्हें प्रश्नपत्र रटवाया गया था। इसके बदले मनोज ने विनय के खाते में 1 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे।

दो सिम बरामद, अब रांची लाया जाएगा

गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से एक नेपाली और एक भारतीय सिम कार्ड बरामद किए गए। एसटीएफ ने उसे शाहपुर थाने को सौंप दिया है। अब झारखंड पुलिस ट्रांजिट रिमांड लेकर उसे रांची ले जाएगी, जहां आगे की पूछताछ होगी। गिरफ्तार विनय साह मूल रूप से रांची का रहने वाला है और गोरखपुर में फर्जी पहचान के साथ रह रहा था।

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