जमशेदपुर में XLRI का क्रोनॉस 2025 सीएचआरओ कॉन्क्लेव, भविष्य के कार्यस्थल पर गहन चर्चा

Rupa Kumari | August 26, 2025 | 06:24 PM IST


Samachar Post डेस्क, रांची : जमशेदपुर में XLRI द्वारा आयोजित वार्षिक फ्लैगशिप सीएचआरओ कॉन्क्लेव, क्रोनॉस 2025 का सफल आयोजन किया गया। इस वर्ष का विषय था “Reimagining Work, Workforce & Workplace: The CHRO Playbook for 2030”। कार्यक्रम का उद्घाटन XLRI के निदेशक फादर डॉ. जॉर्ज सेबेस्टियन, डीन (अकादमिक) डॉ. संजय पात्रो और एसोसिएट डीन (एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम्स) डॉ. पूर्ण चंद्र पाधन द्वारा किया गया।

मुख्य वक्ताओं के विचार

फादर सेबेस्टियन ने कहा कि एचआर प्रोफेशनल्स को कभी भी AI प्रतिस्थापित नहीं कर सकता, क्योंकि एचआर मूलतः मानवीय ज्ञान पर आधारित है। डॉ. संजय पात्रो ने कार्यस्थल के विकासशील स्वरूप पर जोर देते हुए कहा कि एचआर नेताओं को उद्देश्यपूर्ण जॉब डिजाइन और साझा प्रयोगों को बढ़ावा देना होगा। डॉ. पूर्ण चंद्र पाधन ने कॉन्क्लेव को शिक्षा और उद्योग के बीच सशक्त सेतु बताया।

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मुख्य पैनल डिस्कशन, वर्कफोर्स रेज़िलिएंस

ट्रांस्सियन इंडिया की सीएचआरओ शलीन मानिक ने कहा कि परफॉर्मेंस के साथ पिवट करना और टैलेंट मोबिलिटी अब जरूरी हो गया है। बीसीजी की सोनलिका यादव ने जोड़ा कि डिसरप्शन के दौर में धैर्य, भरोसा और एगिलिटी सबसे बड़े स्तंभ हैं।

सीएचआरओ की बदलती भूमिका

वेदांता पावर की सीएचआरओ अभिलाषा मलवीया ने कहा कि आधुनिक करियर का सार पुनराविष्कार और जुड़ाव में है। वेक्टर कंसल्टिंग ग्रुप के सीएचआरओ सायन चक्रवर्ती ने रेखांकित किया कि संस्कृति के केंद्र में हमेशा मानवीय जुड़ाव रहेगा।

समावेशिता और समानता (DEI)

किंड्रिल की कावेरी चौहान ने कहा कि सच्ची समावेशिता तब होगी जब सिस्टम हर किसी के लिए, यहां तक कि न्यूरोडाइवर्जेंट लोगों के लिए भी डिज़ाइन हों। नॉर्दर्न ट्रस्ट के रॉयडन गोंसाल्वेज ने कहा कि DEI केवल नीति नहीं, बल्कि जीने वाली संस्कृति होनी चाहिए।

समापन और धन्यवाद ज्ञापन

कार्यक्रम का समापन डॉ. कनगराज अय्यलुसामी और रजनी रंजन के मार्गदर्शन में धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर आयोजन समिति के छात्रों को विशेष सम्मानित किया गया।

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