Samachar Post डेस्क, रांची : तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों के खिलाफ दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई की मांग के मामले में लोकसभा सचिवालय ने नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी की याचिका पर सुनवाई के एक दिन बाद हुई है। सचिवालय ने सभी 20 सांसदों से सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है। अभिषेक बनर्जी ने इन सांसदों की अयोग्यता की मांग करते हुए अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की थीं। उन्होंने इस मामले में जल्द कार्रवाई की मांग को लेकर पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मुलाकात की थी।
20 सांसदों के नाम नोटिस
अभिषेक बनर्जी की याचिकाओं में जिन सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है, उनमें काकोली घोष दस्तीदार, सुदीप बंद्योपाध्याय, शताब्दी रॉय, प्रसून बनर्जी, रचना बनर्जी, जगदीश चंद्र बरमा बासुनिया, पार्थ भौमिक, अरूप चक्रवर्ती, असीत कुमार मल, जून मलियाह, मिताली बैग, अधिकारी दीपक देव, सयानी घोष, बापी हलदर, एमडी अबू ताहेर खान, कालीपद सारेन खेरवाल, खलीलुर रहमान, माला रॉय, शर्मिला सरकार और यूसुफ पठान शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट में भी चल रहा मामला
मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इन 20 सांसदों को नोटिस जारी किया था। हालांकि, अदालत ने लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय और सदन के महासचिव को नोटिस जारी नहीं किया था। इसके बाद बुधवार को लोकसभा सचिवालय की ओर से सांसदों को नोटिस भेजा गया। अभिषेक बनर्जी ने इससे पहले 27 जुलाई को लोकसभा अध्यक्ष को लिखित आवेदन दिया था। इसके बाद 12 अगस्त को उन्होंने स्पीकर से मुलाकात कर अयोग्यता से जुड़ी याचिकाओं पर जल्द कार्रवाई की मांग की थी।
यह भी पढ़ें : बाबूलाल मरांडी ने जयराम महतो का बचाव किया, पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल
20 सांसदों पर क्या है आरोप?
मामले के अनुसार, TMC के 28 सांसदों में से 20 सांसदों ने अलग गुट बनाकर त्रिपुरा की नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी (NCPI) में विलय करने का दावा किया है। इस गुट की नेता काकोली घोष दस्तीदार ने 17 जून को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र सौंपकर NDA के समर्थन की घोषणा की थी। इन सांसदों ने लोकसभा में अलग गुट के तौर पर मान्यता दिए जाने की मांग भी की है। अब लोकसभा सचिवालय के नोटिस के बाद इन सांसदों के जवाब और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

