Samachar Post रिपोर्टर, रांची : भाजपा नेता और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने विधायक जयराम महतो के समर्थन में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बोकारो के चास थाना प्रभारी सुषमा कुमारी से जुड़ा बताया जा रहा एक पुराना कथित वायरल ऑडियो साझा करते हुए पुलिस के व्यवहार और जनप्रतिनिधियों के साथ भाषा की मर्यादा को लेकर सवाल खड़े किए। यह मामला जयराम महतो और चास थाना प्रभारी रवि कुमार के बीच कथित विवाद के बाद सामने आए पुलिस एसोसिएशन के बयानों के बीच चर्चा में आया है। मरांडी ने कहा कि भाषा, शिष्टाचार और मर्यादा सभी के लिए समान होनी चाहिए। सवाल यह है कि मर्यादा का मानदंड केवल जनप्रतिनिधियों पर ही क्यों लागू किया जाए।
आम लोगों से पुलिस के व्यवहार पर सवाल
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि थानों में आम लोगों के साथ कथित दुर्व्यवहार और फोन पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल की शिकायतें सामने आती रहती हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या पुलिस एसोसिएशन ने कभी ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिन्होंने आम लोगों से गाली-गलौज या अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया हो। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर जनप्रतिनिधियों और पुलिस के बीच भी टकराव की स्थिति पैदा हो रही है, तो इसके लिए सरकार की नीति और पुलिस अधिकारियों को मिल रहा कथित संरक्षण भी जिम्मेदार हो सकता है।

पुराने कथित ऑडियो का किया जिक्र
मरांडी ने दावा किया कि कुछ महीने पहले भी चास थाना प्रभारी से जुड़ा एक कथित गाली-गलौज वाला ऑडियो वायरल हुआ था। उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने सरकार से मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की थी। मरांडी का आरोप है कि कार्रवाई करने के बजाय ऐसे पुलिस अधिकारियों को संरक्षण दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर आम व्यक्ति द्वारा किसी के साथ अपशब्द कहना गलत है, तो पुलिसकर्मी को आम जनता के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने की अनुमति किसने दी।
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पुलिस को शिष्टाचार पर ध्यान देने की जरूरत
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पुलिस को आम जनता से बातचीत के दौरान भाषा और व्यवहार में शिष्टाचार बनाए रखना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे मामलों को केवल निलंबन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि जांच में दोषी पाए जाने पर प्राथमिकी और कड़ी कार्रवाई भी हो। उन्होंने कहा कि पुलिस और आम जनता के बीच भरोसा तभी मजबूत होगा, जब कानून सभी के लिए समान रूप से लागू हो और थानों में लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

