पलामू में छात्रों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू, फोर्थ ग्रेड बहाली और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग

Rupa Kumari | August 5, 2026 | 05:44 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, पलामू : झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन का असर अब पलामू में भी दिखाई देने लगा है। मेदिनीनगर समाहरणालय के सामने छात्रों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। प्रदर्शनकारी छात्र फोर्थ ग्रेड (चतुर्थ वर्गीय) नियुक्तियों में हो रही देरी के साथ-साथ JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को गंभीर पहल करनी चाहिए और युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों पर त्वरित निर्णय लेना चाहिए।

फोर्थ ग्रेड बहाली में देरी पर छात्रों की नाराजगी

भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का आरोप है कि चतुर्थ वर्गीय नियुक्तियों की प्रक्रिया बार-बार बाधित होती रही है। उनका कहना है कि बहाली प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी परीक्षाएं रद्द होने या अन्य कारणों से नियुक्तियां लंबित रह जाती हैं, जिससे हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारी युवाओं ने भर्ती प्रक्रियाओं को समयबद्ध और पारदर्शी बनाने की मांग की है।

भर्ती परीक्षाओं में निष्पक्ष जांच की मांग

छात्रों का कहना है कि विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, जिससे अभ्यर्थियों का भरोसा प्रभावित हुआ है। उनकी प्रमुख मांगों में विवादित परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है। छात्रों ने कहा कि युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर अवसर मिलना चाहिए और भर्ती व्यवस्था पर किसी प्रकार का संदेह नहीं होना चाहिए।

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन और भूख हड़ताल जारी रहेगी। छात्र नेता सत्यप्रकाश शुक्ला ने कहा कि अभ्यर्थी लंबे समय से अपनी समस्याओं को उठा रहे हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकल पाया है। ऐसे में आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।

यह भी पढ़ें : बड़ी खबर: छात्र आंदोलन पर हेमंत सरकार की पहल, वार्ता के लिए 4 मंत्रियों की समिति गठित

सरकार की प्रतिक्रिया पर नजर

राज्य में भर्ती परीक्षाओं और छात्र आंदोलनों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सरकार की ओर से छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और जांच प्रक्रिया जारी रहने की बात कही गई है। अब छात्रों और अभिभावकों की नजर सरकार एवं प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भर्ती प्रक्रिया और फोर्थ ग्रेड बहाली से जुड़े मुद्दों पर आने वाले दिनों में क्या निर्णय लिया जाता है और आंदोलन का क्या परिणाम निकलता है।

Share this news

संबंधित खबरें