वैशाली में निर्माणाधीन 6 लेन पुल का स्ट्रक्चर गिरा, कई मजदूरों के दबे होने की आशंका

Samachar Post रिपोर्टर, पटना : बिहार के वैशाली जिले में गंडक नदी पर बन रहे 6 लेन पुल का निर्माणाधीन स्ट्रक्चर अचानक ढह गया। हादसा लालगंज के जलालपुर इलाके में हुआ, जहां भारतमाला परियोजना के तहत पुल का निर्माण कराया जा रहा है। स्ट्रक्चर गिरने के बाद कई मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत और बचाव कार्य को लेकर स्थानीय स्तर पर कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी है। हादसे में कितने लोग घायल हुए हैं, इसकी आधिकारिक संख्या फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

भारतमाला परियोजना के तहत बन रहा था पुल

बताया गया है कि गंडक नदी के ऊपर लालगंज के जलालपुर क्षेत्र में यह पुल भारतमाला परियोजना के तहत निर्माणाधीन था। इसी दौरान पुल का एक हिस्सा या निर्माणाधीन स्ट्रक्चर अचानक गिर गया। स्ट्रक्चर गिरने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी खामी या अन्य कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

तेजस्वी यादव ने सरकार पर साधा निशाना

हादसे को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि हादसे में करीब आधा दर्जन मजदूरों के दबने और घायल होने की खबर है तथा कुछ मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है। तेजस्वी यादव ने निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल और मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार पर भ्रष्टाचार के कारण निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से समझौता किए जाने का भी आरोप लगाया। ये आरोप राजनीतिक हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है।

सरकार पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल

घटना के बाद निर्माणाधीन पुलों की सुरक्षा और गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हादसे की तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि स्ट्रक्चर गिरने की वास्तविक वजह क्या थी और निर्माण कार्य में किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी या नहीं। प्रशासन और संबंधित निर्माण एजेंसी की ओर से हादसे को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है।

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राहत-बचाव के बाद स्पष्ट होगी नुकसान की स्थिति

फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे संभावित मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने की है। राहत और बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही हादसे में जान-माल के वास्तविक नुकसान का आकलन हो सकेगा। मामले की जांच में निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था, इस्तेमाल की गई सामग्री और तकनीकी मानकों के पालन समेत सभी पहलुओं की जांच की जा सकती है।

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