Samachar Post डेस्क, पटना : बिहार में शराबबंदी को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सरकार का रुख साफ कर दिया है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी से राज्य को हर साल करीब 20 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद सरकार इस नीति में कोई बदलाव नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने शराबबंदी को महिलाओं के सम्मान और सामाजिक बदलाव से जुड़ा फैसला बताया। सम्राट चौधरी ने समाचार एजेंसी ANI के पॉडकास्ट में शराबबंदी के अलावा बिहार में बाढ़, रोजगार, पलायन और फरक्का बराज समेत कई मुद्दों पर सरकार की प्राथमिकताओं को लेकर अपनी बात रखी।
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महिलाओं के आग्रह पर लागू हुई थी शराबबंदी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शराबबंदी महिलाओं के आग्रह पर लागू की गई थी। उनके मुताबिक, इस फैसले का सकारात्मक सामाजिक असर देखने को मिला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार शराबबंदी को केवल राजस्व के नजरिये से नहीं देखती है। सम्राट चौधरी ने कहा कि शराब से मिलने वाले राजस्व का नुकसान होने के बावजूद पूर्ण शराबबंदी जारी रहेगी और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री के मुताबिक, शराबबंदी लागू होने के बाद बिहार सरकार को शराब से मिलने वाले राजस्व में करीब 20 हजार करोड़ रुपये सालाना का नुकसान हो रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकार के लिए महिलाओं का सम्मान और सामाजिक हित आर्थिक नुकसान से अधिक महत्वपूर्ण है।

नीतीश कुमार को बताया पितातुल्य
इंटरव्यू के दौरान सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अपने राजनीतिक संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह करीब 30 वर्षों से नीतीश कुमार के साथ काम कर रहे हैं और उन्हें पितातुल्य मानते हैं। भाजपा में अगले नेता को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि इस तरह का फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करता है। उन्होंने इसे भाजपा का आंतरिक मामला बताया।
2030 तक पलायन रोकने का लक्ष्य, बाढ़ से निपटने के लिए हाईलेवल डैम की तैयारी
बिहार से पलायन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2030 से पहले राज्य से पलायन रोक दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा और रोजगार के अवसरों को बेहतर बनाने पर काम कर रही है, ताकि युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने बिहार की बाढ़ समस्या पर भी बात की। उन्होंने कहा कि नेपाल से आने वाली कोसी और गंडक जैसी नदियों के कारण राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति बनती है। हाईलेवल डैम के निर्माण को लेकर डीपीआर पर सहमति बनने की जानकारी भी उन्होंने दी। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से करीब 20 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और उनके लिए सामुदायिक रसोई की व्यवस्था की गई है।
फरक्का बराज को बताया बिहार के लिए नुकसानदायक
सम्राट चौधरी ने फरक्का बराज को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि इसके कारण गंगा नदी में गाद जमा हो रही है, जिससे कई स्थानों पर नदी का फैलाव बढ़ गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, बक्सर में गंगा की चौड़ाई करीब 4 किलोमीटर, पटना में 11 किलोमीटर, बेगूसराय में 17 किलोमीटर और भागलपुर में 26 किलोमीटर तक हो जाती है। उन्होंने कहा कि फरक्का जल संधि को लेकर बिहार की मांग स्पष्ट है। राज्य को पीने के पानी, खेती और उद्योगों के लिए आवश्यकता के अनुसार पानी लेने का अधिकार मिलना चाहिए। इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के साथ बातचीत की गई है।

Reporter | Samachar Post


