वरिष्ठ पत्रकार नितिन चौधरी का निधन, ब्लड कैंसर से लंबे समय से जूझ रहे थे

Rupa Kumari | August 31, 2026 | 04:55 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : पत्रकारिता जगत के वरिष्ठ पत्रकार नितिन चौधरी का दिल्ली में निधन हो गया। वह लंबे समय से ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर से रांची समेत पूरे पत्रकारिता जगत में शोक की लहर है। सहकर्मी, मित्र और शुभचिंतक उनके निधन से स्तब्ध हैं। नितिन चौधरी वर्ष 2024 से ब्लड कैंसर से पीड़ित थे। उन्होंने बीमारी का मजबूती से सामना किया और इलाज के बाद कैंसर को मात देने में भी सफलता हासिल की थी। हालांकि, इसके बाद उनकी आंखों की रोशनी धीरे-धीरे कम होने लगी। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद उनका हौसला और पत्रकारिता के प्रति लगाव बना रहा।

बीमारी के बीच भी कायम रहा हौसला

करीब चार-पांच महीने पहले उन्होंने अपने सहकर्मियों से कहा था कि वह ठीक हो चुके हैं और केवल आंखों में थोड़ी परेशानी है। उस समय किसी ने नहीं सोचा था कि यह उनकी आखिरी मुलाकातों में से एक होगी। बीमारी के कठिन दौर में भी नितिन अपने साथियों और काम से जुड़े रहे। उनके करीबियों के मुताबिक, मुश्किल परिस्थितियों में भी उनका उत्साह और सकारात्मक रवैया बरकरार रहा।

देवघर से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर

नितिन चौधरी ने वर्ष 2010 में पीकेएमएस से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर, देवघर से की। वर्ष 2012 में वह रांची आए और दैनिक भास्कर से जुड़े। लंबे समय तक उन्होंने यहां पत्रकारिता की। खबरों की गहरी समझ और मेहनत के कारण उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई।

रेलवे और एयरपोर्ट की खबरों पर थी मजबूत पकड़

नितिन चौधरी की विशेष पकड़ रेलवे और एयरपोर्ट से जुड़ी खबरों पर मानी जाती थी। उन्होंने रांची से रेलवे से संबंधित कई महत्वपूर्ण और राष्ट्रीय स्तर की खबरें ब्रेक कीं। सटीक जानकारी जुटाने और खबर की तह तक जाने की उनकी शैली ने उन्हें पत्रकारिता में अलग पहचान दिलाई। बीमारी के बावजूद उनका यह जुनून आखिरी दौर तक बना रहा।

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सहकर्मियों के लिए थे मददगार साथी

नितिन चौधरी केवल एक पत्रकार के रूप में ही नहीं, बल्कि अपने सहकर्मियों के बीच एक मददगार और संवेदनशील इंसान के तौर पर भी जाने जाते थे। मिलनसार स्वभाव के कारण वह अपने साथियों और परिचितों के बीच लोकप्रिय थे। किसी सहयोगी को परेशानी हो या किसी काम में मदद की जरूरत, वह आगे बढ़कर सहयोग करने वालों में रहे। उनके निधन से पत्रकारिता जगत के साथ-साथ उन लोगों में भी शोक है, जिनसे उनका व्यक्तिगत जुड़ाव रहा। नितिन चौधरी का जाना पत्रकारिता जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके सहकर्मी और मित्र उनकी मेहनत, जुझारूपन और आत्मीय व्यवहार को लंबे समय तक याद रखेंगे।

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