Samachar Post रिपोर्टर,चतरा : जिले के आंबेडकर चौक पर सोमवार को ‘छात्र युवा संघर्ष मोर्चा’ के बैनर तले एक दिवसीय भूख हड़ताल और सत्याग्रह का आयोजन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने पर्यावरणविद् और मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनका आंदोलन देश की शिक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार और लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों के विरोध में है। छात्रों ने कहा कि वे सोनम वांगचुक की मांगों का समर्थन करते हैं और शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा सुधार चाहते हैं।
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सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान देने के बजाय सोनम वांगचुक को अनशन के दौरान जबरन अस्पताल में भर्ती कराया। प्रदर्शनकारियों ने इसे सरकार का तानाशाही रवैया बताया। मोर्चा के महेश बांडो ने कहा कि आज़ादी से पहले महात्मा गांधी के अनशन का असर अंग्रेजी हुकूमत पर भी पड़ता था, लेकिन वर्तमान सरकार छात्रों की आवाज नहीं सुन रही है। यह वक्तव्य प्रदर्शनकारियों का राजनीतिक आरोप है।

चतरा से जताया समर्थन
छात्रों ने कहा कि वे दिल्ली जाकर आंदोलन में शामिल नहीं हो सकते, इसलिए चतरा में सत्याग्रह और भूख हड़ताल के माध्यम से अपना समर्थन जता रहे हैं। उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में जल्द सुधार और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।

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