पुलिस की तत्परता से टला बड़ा हादसा: नगड़ी बाजार में भटके दो मासूम भाई कुछ ही घंटों में परिवार से मिले

Samachar Post रिपोर्टर,रांची : रांची पुलिस की सतर्कता, संवेदनशीलता और सोशल मीडिया के प्रभावी इस्तेमाल से रविवार को एक बड़ा हादसा टल गया। नगड़ी बाजार के पास भटक रहे दो मासूम सगे भाइयों को पुलिस ने सुरक्षित संरक्षण में लेकर महज कुछ घंटों के भीतर उनके माता-पिता से मिला दिया। बच्चों की सकुशल वापसी से परिजनों की आंखें खुशी से भर आईं और उन्होंने रांची पुलिस का आभार जताया।

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नगड़ी बाजार में अकेले घूमते मिले दोनों बच्चे

रविवार देर शाम नगड़ी बाजार के समीप स्थानीय लोगों और गश्ती पुलिस की नजर दो छोटे बच्चों पर पड़ी, जो डरे-सहमे और अकेले घूम रहे थे। किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए पुलिस ने तुरंत दोनों बच्चों को सुरक्षित नगड़ी थाना पहुंचाया। थाने में पुलिसकर्मियों ने बच्चों को पानी और खाने-पीने की व्यवस्था कर उनका डर कम करने का प्रयास किया। पूछताछ के दौरान बच्चों ने अपने नाम रितेश उरांव (11 वर्ष) और रूपेश उरांव (9 वर्ष) बताए, लेकिन कम उम्र और घबराहट के कारण वे अपने घर का स्पष्ट पता नहीं बता सके।

सोशल मीडिया बना परिवार तक पहुंचने का जरिया

बच्चों की पहचान और उनके घर का पता लगाने के लिए नगड़ी थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों बच्चों की तस्वीरें और आवश्यक जानकारी विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की। पुलिस की यह पहल सफल रही और कुछ ही समय में बच्चों के परिजनों तक सूचना पहुंच गई।

सत्यापन के बाद माता-पिता को सौंपे गए बच्चे

पुलिस ने सूचना मिलने के बाद परिजनों से संपर्क किया और आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी की। जांच में पता चला कि बच्चों के पिता रंजीत उरांव मूल रूप से गुमला जिले के नागफनी के निवासी हैं और वर्तमान में रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के मधुकम में किराए के मकान में परिवार के साथ रह रहे हैं। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों बच्चों को सुरक्षित उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। अपने बच्चों को सही-सलामत वापस पाकर परिजनों ने रांची पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय कार्यशैली की सराहना करते हुए धन्यवाद व्यक्त किया।

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