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रांची में आज निकलेगी महाप्रभु जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, सुबह 3 बजे से उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, 25 जुलाई तक चलेगा ऐतिहासिक रथ मेला

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Samachar Post रिपोर्टर,रांची : राजधानी रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में गुरुवार से विश्व प्रसिद्ध महाप्रभु जगन्नाथ रथयात्रा महापर्व और ऐतिहासिक रथ मेले की शुरुआत हो गई। भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य रथयात्रा आज शाम 5 बजे निकलेगी। रथयात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सुबह 3 बजे से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी, जबकि अहले सुबह तक दर्शन के लिए करीब दो किलोमीटर लंबी कतार लग गई।

15 दिनों के एकांतवास के बाद भक्तों को मिले भगवान के दर्शन

बुधवार को भगवान जगन्नाथ के 15 दिनों के एकांतवास (अनवसर) के बाद नेत्रदान की परंपरा पूरी की गई। इसके बाद गुरुवार सुबह 4 बजे पूजा-अर्चना और आरती के साथ धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। मंदिर परिसर में 108 दीपों से भव्य मंगल आरती की गई और भगवान को मालपुआ का भोग अर्पित किया गया। सुबह 5 बजे से दोपहर 2 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था की गई।

रथ पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री समेत सिर्फ 13 लोगों को मिलेगी जगह

रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथ पर कुल 13 लोग ही सवार रहेंगे। इनमें राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और एक अन्य जस्टिस, दो विधायक, सांसद संजय सेठ, पूर्व सांसद सुबोधकांत सहाय, मंदिर के प्रथम सेवक ठाकुर सुधांशु नाथ शाहदेव तथा चार पुजारी शामिल हैं। सुरक्षा कारणों से रथ के पहियों के पास केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को ही रहने की अनुमति दी गई है। दोपहर 2 बजे दर्शन बंद होने के बाद भगवान के विग्रहों को रथ तक लाया जाएगा। दोपहर 2:30 बजे भगवान को रथ पर विराजमान कराया जाएगा और विशेष श्रृंगार के बाद शाम 5 बजे रथयात्रा शुरू होगी।

शाम 5 बजे निकलेगी रथयात्रा, 25 जुलाई को होगी घुरती रथयात्रा

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाम 5 बजे हजारों श्रद्धालु भगवान के रथ को खींचते हुए मौसीबाड़ी तक पहुंचाएंगे। शाम 6 बजे रथ मौसीबाड़ी पहुंचेगा और 6:46 से 7 बजे के बीच भगवान का प्रवेश कराया जाएगा। रात 8 बजे 108 दीपों से मंगल आरती और शयन आरती के साथ पहले दिन का कार्यक्रम संपन्न होगा। रथयात्रा के साथ ही 10 दिनों तक चलने वाला ऐतिहासिक रथ मेला भी शुरू हो गया है। भगवान की घुरती रथयात्रा 25 जुलाई को निकलेगी, जब वे पुनः जगन्नाथपुर मंदिर लौटेंगे।

2000 पुलिस जवान, 215 सीसीटीवी और चार ड्रोन से सुरक्षा

रथयात्रा और मेले को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरे मेला क्षेत्र में करीब 2000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। आयोजन समिति की ओर से 100 निजी सुरक्षा गार्ड भी लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए 215 सीसीटीवी कैमरे और चार ड्रोन से लगातार निगरानी की जाएगी।

25 जुलाई तक लागू रहेगी विशेष ट्रैफिक व्यवस्था

रथयात्रा और मेले के मद्देनजर 25 जुलाई तक विशेष ट्रैफिक प्लान लागू रहेगा। बिरसा चौक की ओर से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन शहीद मैदान में पार्क करेंगे, जबकि तुपुदाना, हटिया और धुर्वा की ओर से आने वालों के लिए प्रभात तारा मैदान में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। रिंग रोड से आने वाले वाहनों को तिरिल मोड़, नॉर्थ गेट, प्रभात तारा मैदान और शालीमार बाजार होकर भेजा जाएगा। वहीं तिरिल मोड़ से मौसीबाड़ी गोलचक्कर, शहीद मैदान से मौसीबाड़ी गोलचक्कर और प्रभात तारा मैदान से जगन्नाथपुर बाजार तक कार, ऑटो, बाइक और अन्य सवारी वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित रहेगी। प्रशासन ने जाम से बचने के लिए कई वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किए हैं।

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Meenu

Reporter  |  Samachar Post

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