Samachar Post डेस्क,पटना :राम मंदिर चढ़ावा से जुड़े कथित चोरी मामले में दर्ज एफआईआर को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने इस मामले पर सवाल उठाते हुए भाजपा सरकार और मंदिर प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडिया पर एक पेपर कटिंग साझा करते हुए लिखा कि एफआईआर में केवल छोटे कर्मचारियों के नाम शामिल किए गए हैं, जबकि मंदिर प्रबंधन से जुड़े बड़े नामों को जांच से बाहर रखा गया है। उन्होंने इसे “आईवॉश” बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
यह भी पढ़ें :पटना में खान सर की कोचिंग में आग, शॉर्ट सर्किट से मची अफरा-तफरी; फायर सेफ्टी पर फिर उठे सवाल
बड़े नामों को क्यों छोड़ा गया? – रोहिणी
रोहिणी ने सवाल उठाया कि जब मंदिर की जिम्मेदारी प्रबंधन के शीर्ष स्तर पर है, तो एफआईआर में उनके नाम क्यों नहीं हैं। उन्होंने विशेष रूप से चंपत राय और अन्य ट्रस्टियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि जिम्मेदारी शीर्ष स्तर पर है, तो जवाबदेही भी वहीं तय होनी चाहिए। रोहिणी आचार्या ने आरोप लगाया कि बड़े नामों को एफआईआर से बाहर रखना संयोग नहीं बल्कि उन्हें बचाने की रणनीति प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि यह मामला करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़ा है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

सरकार पर लीपापोती का आरोप
उन्होंने भाजपा सरकार पर मामले की लीपापोती करने का आरोप लगाते हुए कहा कि एफआईआर में नाम न होना किसी को निर्दोष साबित नहीं करता। उन्होंने दावा किया कि समय आने पर पूरे मामले में असली जिम्मेदारों का खुलासा होगा।





















