Samachar Post रिपोर्टर, रांची : रामगढ़ के प्रसिद्ध रजरप्पा मंदिर के पुनरुद्धार से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। संजीव कुमार सिंह की अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पर्यटन विभाग के सचिव और रामगढ़ उपायुक्त को अगली सुनवाई में सशरीर उपस्थित होने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को होगी।
पर्यटन सचिव की अनुपस्थिति पर कोर्ट ने दिया अगला मौका
पिछली सुनवाई के आदेश के तहत पर्यटन विभाग के सचिव को मंगलवार को अदालत में उपस्थित होना था। हालांकि, सरकार की ओर से बताया गया कि सचिव नीति आयोग के एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कोलकाता में रहेंगे। इसके बाद सरकारी अधिवक्ता ने उनकी उपस्थिति के लिए समय देने का आग्रह किया। कोर्ट ने आग्रह स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई की तारीख तय की और 5 अक्टूबर को पर्यटन सचिव के साथ रामगढ़ DC को भी कोर्ट में सशरीर उपस्थित होने का निर्देश दिया।
DMFT फंड से मंदिर के पुनरुद्धार पर होगी कवायद
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से रजरप्पा मंदिर के पुनरुद्धार के लिए DMFT फंड से राशि उपलब्ध कराने की बात कही गई। इस पर हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को 5 अक्टूबर तक DMFT फंड से संबंधित योजना प्रस्तुत करने को कहा है।याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता भरत कुमार ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा।
PRASAD योजना पर भी पहले हो चुकी है चर्चा
पिछली सुनवाई में मंदिर के पुनरुद्धार को लेकर सरकार की ओर से कोई स्पष्ट निर्देश नहीं आने पर हाईकोर्ट ने सवाल उठाए थे। कोर्ट ने पूछा था कि पहले सरकार ने राज्य के संसाधनों से मंदिर के पुनरुद्धार के लिए राशि उपलब्ध कराने की बात कही थी और DPR तैयार कराने के लिए कंसल्टेंट भी नियुक्त किया था। बाद में सरकार की ओर से केंद्र की ‘PRASAD’ योजना के जरिए वित्तीय सहायता लेने पर विचार किए जाने की जानकारी सामने आई। कोर्ट ने इस पर भी सवाल किया था कि यदि शुरुआत से ही केंद्र की योजना से राशि लेने का विचार था, तो इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं दी गई। अब 5 अक्टूबर की सुनवाई में DMFT फंड की योजना और मंदिर के पुनरुद्धार को लेकर सरकार की ओर से आगे की स्थिति अदालत के सामने रखी जाएगी।





















