पटना में छात्रों का आंदोलन उग्र, सीएम आवास मार्च के दौरान बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस ने किया वाटर कैनन का इस्तेमाल

Rupa Kumari | August 4, 2026 | 05:33 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, पटना : पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता, रोजगार और शिक्षा व्यवस्था में सुधार समेत विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को राजधानी पटना में छात्रों का आंदोलन उग्र हो गया। पटना विश्वविद्यालय से जुड़े करीब 15 छात्र संगठनों के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र जेपी गोलंबर से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च के लिए निकले। इस दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की।

जेपी गोलंबर से डाकबंगला तक पहुंचा प्रदर्शन

छात्रों का प्रदर्शन जेपी गोलंबर से शुरू होकर इनकम टैक्स गोलंबर होते हुए डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और हल्की झड़प भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की बौछार के बाद कई छात्र सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करने लगे, जिन्हें बाद में पुलिस ने हटाकर सड़क किनारे किया।

सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम

प्रदर्शन को देखते हुए गांधी मैदान थाना क्षेत्र सहित पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। जेपी गोलंबर, इनकम टैक्स चौराहा, डाकबंगला और मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले मार्गों पर भारी संख्या में पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी और दंगा नियंत्रण बल तैनात किए गए थे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए वाटर कैनन और अन्य सुरक्षा संसाधन भी मौके पर मौजूद रहे।

छात्रों ने रखीं पांच प्रमुख मांगें

प्रदर्शनकारी छात्र संगठनों ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने, आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग की। इसके अलावा सीवान में हालिया छात्र आंदोलन के दौरान गोली लगने से घायल छात्र को मुआवजा देने, गिरफ्तार छात्रों की रिहाई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग उठाई गई।

कांग्रेस और पप्पू यादव ने दिया समर्थन

छात्र आंदोलन को बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम का समर्थन मिला। वे प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं सांसद पप्पू यादव ने भी आंदोलन के समर्थन में पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे उठाए तथा केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

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पुलिस ने कहा- कानून व्यवस्था से समझौता नहीं

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून-व्यवस्था भंग करने या बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जा सकती। अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शनकारियों को डाकबंगला चौराहे के पास रोक दिया गया है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

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