Samachar Post डेस्क, रांची : प्रशांत महासागर में सक्रिय चक्रवाती तूफान नोलो लगातार मजबूत हो रहा है। मौसम एजेंसियों के अनुसार, अगले 24 घंटे में तूफान की अधिकतम हवा की रफ्तार 241 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। हालांकि, फिलहाल किसी घनी आबादी वाले मुख्य भूभाग या बड़े द्वीप पर इसका सीधा खतरा नहीं बताया गया है।
5 अक्टूबर को 215 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है रफ्तार
जानकारी के अनुसार, चक्रवात नोलो फिलहाल करीब 180 डिग्री देशांतर के आसपास पहुंच चुका है। यह क्षेत्र मध्य और पश्चिमी प्रशांत के बीच एक प्रमुख मौसम सीमा माना जाता है। पूर्वानुमान के मुताबिक, 5 अक्टूबर को नोलो की अधिकतम हवा की गति 205 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। शाम तक इसकी रफ्तार बढ़कर करीब 215 किलोमीटर प्रति घंटे होने का अनुमान है। अगले 24 घंटे में हवा की गति 241 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है।
30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ रहा तूफान
4 अक्टूबर को चक्रवात नोलो मारो रीफ से करीब 655 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम में स्थित था। उस समय यह करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा था। मौसम एजेंसियां तूफान की दिशा और तीव्रता पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
ऊंची समुद्री लहरों से एटोल और दूरदराज द्वीपों को खतरा
नोलो के प्रभाव से समुद्र में ऊंची और खतरनाक लहरें उठ सकती हैं। इससे निचले इलाकों में स्थित एटोल और दूरदराज के द्वीपों पर असर पड़ने की आशंका है। एटोल आमतौर पर वलय या घोड़े की नाल के आकार की प्रवाल भित्ति या द्वीपों की श्रृंखला होती है, जो समुद्री लैगून को चारों ओर से घेरती है।
मौसम एजेंसियां रख रही हैं नजर
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) और ज्वाइंट टाइफून वार्निंग सेंटर (JTWC) चक्रवात नोलो की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रख रहे हैं। फिलहाल इसका मुख्य खतरा समुद्री क्षेत्र और दूरदराज के निचले द्वीपों तक सीमित बताया जा रहा है।






















