MMDR बिल पर रघुवर दास का हमला, बोले- सरकार जनता को कर रही भ्रमित

Rupa Kumari | August 26, 2026 | 02:38 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : MMDR संशोधन बिल को लेकर झारखंड की सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य सरकार और गठबंधन के नेताओं पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि संशोधन का उद्देश्य झारखंड के खनिज संसाधनों से राज्य और स्थानीय लोगों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाना है। रघुवर दास ने दावा किया कि MMDR संशोधन के बाद खनन क्षेत्र से राज्य को मिलने वाले वैधानिक भुगतान और करों में बड़ी कटौती नहीं होगी। उनके मुताबिक माइनिंग सेक्टर से मिलने वाले कुल टैक्स और वैधानिक भुगतान का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को मिलता है और यह व्यवस्था आगे भी जारी रहेगी।

JMM-कांग्रेस पर अवैध खनन को लेकर निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि JMM-कांग्रेस के संरक्षण में झारखंड में कोयला, बालू और पत्थर के अवैध सिंडिकेट सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि अवैध खनन की वजह से राज्य को वैध राजस्व का नुकसान हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद जल, जंगल, जमीन और प्राकृतिक संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं।

DMF और कोल ब्लॉक को लेकर भी उठाए सवाल

रघुवर दास ने कहा कि जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) के जरिए रॉयल्टी के अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई, ताकि खनिज संपदा वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उसका लाभ मिल सके। उन्होंने झारखंड में कोल ब्लॉकों की स्थिति पर भी सवाल उठाया। उनके मुताबिक राज्य में 34 कोल ब्लॉक को मंजूरी मिली, लेकिन इनमें से केवल चार ही चालू हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि लंबित कोल ब्लॉक शुरू होने से राज्य को अतिरिक्त राजस्व के साथ रोजगार के अवसर भी मिल सकते हैं।

DMFT फंड खर्च नहीं होने का दावा

रघुवर दास ने आरोप लगाया कि राज्य में DMFT फंड की बड़ी राशि उपलब्ध होने के बावजूद उसका पूरा उपयोग नहीं किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि रामगढ़ में करीब 518 करोड़ रुपये का DMFT फंड खर्च नहीं हो पाया है। उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए निर्धारित राशि के इस्तेमाल में भी कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया। स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि कई इलाकों में अब भी बेहतर अस्पताल, स्वास्थ्य सेवाओं और एंबुलेंस जैसी सुविधाओं की कमी है।

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MMDR बिल को लेकर सरकार पर हमला

रघुवर दास ने कहा कि MMDR बिल पारित होने से अवैध खनन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और इसी कारण अवैध खनन से जुड़े लोगों में कथित बेचैनी है। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता अब कथित ‘लुटतंत्र’ को समझ रही है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी। उन्होंने राज्य में सेस और अन्य अतिरिक्त शुल्क के कारण कोयला और लोहा महंगा होने का दावा भी किया। उनका कहना है कि महंगे कोयले का असर बिजली की कीमतों पर पड़ता है और ओडिशा तथा छत्तीसगढ़ की तुलना में झारखंड में लगाए जा रहे अतिरिक्त भार पर भी चर्चा होनी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विदेश दौरों और निवेश संबंधी दावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विदेशों में बड़े निवेश के दावे किए गए, लेकिन जमीन पर उनका अपेक्षित असर दिखाई नहीं दे रहा है।

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