मंईयां सम्मान योजना में बड़ा खुलासा! सरकारी कर्मचारियों की पत्नियां उठा रही थीं लाभ, वसूली की प्रक्रिया शुरू

Meenu | July 26, 2026 | 11:02 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर,दुमका : झारखंड की मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना में पात्रता को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। दुमका जिले में हुई जांच में खुलासा हुआ है कि रेलवे कर्मचारी, सरकारी शिक्षक, पारा शिक्षक, पोषण सखी, एएनएम और चौकीदार जैसे सरकारी व्यवस्था से जुड़े लोगों के परिवार की महिलाएं भी नियमों के विपरीत योजना का लाभ ले रही थीं। मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने ऐसे लाभार्थियों को योजना से बाहर करते हुए उनसे अब तक मिली राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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शिकायत के बाद हुआ भौतिक सत्यापन

जानकारी के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद शनिवार को संबंधित प्रखंड के बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा के निर्देश पर विभिन्न गांवों में लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन कराया गया। जांच के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें अपात्र होने के बावजूद लाभुकों ने मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का लाभ लिया। बीडीओ ने स्पष्ट किया कि पात्रता की जांच लगातार जारी रहेगी और गलत जानकारी देकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

रेलवे कर्मचारी और सरकारी शिक्षक की पत्नी का नाम सामने आया

जांच में हरिपुर पंचायत के पूतका गांव की मीतू कुमारी का मामला सामने आया। आरोप है कि वह मंईयां सम्मान योजना का लाभ लेने के साथ-साथ लाल राशन कार्ड के जरिए सरकारी अनाज भी ले रही थीं, जबकि उनके पति तापस दास पश्चिम बंगाल के आसनसोल में रेलवे विभाग में कार्यरत हैं। इसी तरह विलकांदी पंचायत के जयतड़ा गांव की शिल्पी चक्रवर्ती का नाम भी जांच में सामने आया। आरोप है कि वह ग्रीन राशन कार्ड का लाभ ले रही थीं, जबकि उनके पति सरकारी शिक्षक हैं। वहीं दक्षिणजोल पंचायत के सुजानपुर गांव की रिया घोष की शादी एक वर्ष पहले एक सरकारी शिक्षक से हो चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद वह मंईयां सम्मान योजना का लाभ ले रही थीं।

पारा शिक्षकों की पत्नियां, पोषण सखी और ANM भी जांच के दायरे में

जांच के दौरान दो पारा शिक्षकों की पत्नियों, चार पोषण सखी, एक एएनएम और एक चौकीदार के परिवार के योजना का लाभ लेने का मामला भी सामने आया। इसके अलावा पाथरा गांव में पति-पत्नी द्वारा अलग-अलग राशन कार्ड के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का मामला भी पकड़ा गया।

फर्जी लाभुकों को नोटिस, राशि लौटाने का आदेश

प्रशासन ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए अपात्र लाभार्थियों को तत्काल योजना से विमुक्त कर दिया है। साथ ही उन्हें अब तक प्राप्त सरकारी सहायता राशि वापस करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। राशन कार्ड से जुड़े मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना ही इस अभियान का उद्देश्य है।

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