कोल्हान विश्वविद्यालय में बड़े शैक्षणिक बदलाव, पीएचडी और नर्सिंग पाठ्यक्रम पर फोकस

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : कोल्हान विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल की अहम बैठक कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक भविष्य से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। इनमें सत्रों को नियमित करने, पीएचडी नियमों में संशोधन, नर्सिंग पाठ्यक्रम सुधार और दीक्षा समारोह की तैयारियां प्रमुख रहे।

अब हर तीन महीने में सेमेस्टर परीक्षाएं

बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अब विश्वविद्यालय में सेमेस्टर परीक्षाएं हर तीन महीने के अंतराल पर कराई जाएंगी। इससे देरी से चल रहे सत्रों को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। परीक्षा विभाग ने भी इस फैसले पर सहमति जताई।

यह भी पढ़ें : झारखंड के बकाया पर समिति गठित, जल्द होगा समाधान : केंद्रीय कोयला मंत्री

पीएचडी नियमों में बदलाव

  • खाली पड़ी 100 पीएचडी सीटों पर प्रवेश से पहले कमेटी की बैठक होगी और नए नियम लागू होंगे।
  • पीएचडी कोर्स वर्क 19 सितंबर से शुरू होगा।
  • शोधार्थियों को 6 महीने का कोर्स वर्क अनिवार्य करना होगा।
  • “एथिक्स” विषय सभी के लिए समान होगा, जबकि “रिसर्च मेथडोलॉजी” फैकल्टीवार आयोजित की जाएगी।
  • भविष्य में केवल NET या JRF उत्तीर्ण उम्मीदवार ही पीएचडी के लिए पात्र होंगे।

PG और रिसर्च में प्रवेश के लिए 75% अंक अनिवार्य

नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत स्नातक (UG) के अंतिम सेमेस्टर में कम से कम 75% अंक लाने वाले ही PG और बाद में पीएचडी के लिए योग्य माने जाएंगे। इससे मेधावी और शोध के प्रति गंभीर छात्रों को बढ़ावा मिलेगा।

नर्सिंग पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव

अब विश्वविद्यालय इंडियन नर्सिंग काउंसिल द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम को लागू करेगा। इससे छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने का अवसर मिलेगा।

दीक्षा समारोह नवंबर में

विश्वविद्यालय का पांचवां दीक्षा समारोह नवंबर के अंतिम सप्ताह या दिसंबर के पहले सप्ताह में आयोजित किया जाएगा। इसमें मार्च 2025 तक परीक्षा पास कर चुके छात्र शामिल हो सकेंगे।

दो विषयों की OMR शीट पर परीक्षा

“इंडियन नॉलेज सिस्टम” और “अंडरस्टैंडिंग इंडिया” विषयों की परीक्षा अब OMR शीट पर होगी। यह कुल 2 क्रेडिट की परीक्षा होगी।

बैठक में रहे शामिल

बैठक में कुलसचिव डॉ. परशुराम सियाल, प्रॉक्टर डॉ. राजेंद्र भारती, परीक्षा नियंत्रक रिंकी दोराई, ओएसडी डॉ. प्रभात कुमार सिंह और डीएसडब्ल्यू डॉ. संजय यादव समेत कई वरिष्ठ सदस्य मौजूद रहे।

Share this news

संबंधित खबरें