Samachar Post रिपोर्टर, कोडरमा : नाबालिग आदिवासी लड़की के कथित यौन शोषण के मामले में कोडरमा के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस अधीक्षक कुमार शिवाशीष ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है। पीड़िता के अनुसार, वह इलाज कराने के लिए डॉक्टर के निजी क्लिनिक गई थी। इसी दौरान डॉक्टर से उसका संपर्क हुआ। आरोप है कि डॉक्टर ने उसे अपने झांसे में लेकर कई बार यौन शोषण किया। इस मामले में पीड़िता ने ऑनलाइन जीरो एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके आधार पर कोडरमा महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। पीड़िता का बयान बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष भी दर्ज किया गया है।
उरवान स्थित फार्महाउस से हिरासत में लिए गए डॉक्टर
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने शनिवार रात उरवान स्थित डॉ. अनिल कुमार के फार्महाउस पर छापेमारी की। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर तिलैया डैम थाना पहुंचाया, जहां उनसे पूछताछ की गई। पुलिस ने शिकायतकर्ता नाबालिग से भी घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। इसके बाद महिला थाना में डॉक्टर से पूछताछ की गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। मेडिकल जांच के बाद उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। एसपी कुमार शिवाशीष के मुताबिक, पुलिस शिकायत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

अगले साल सेवानिवृत्त होने वाले थे सिविल सर्जन
डॉ. अनिल कुमार की उम्र करीब 65 वर्ष बताई गई है। वह अगले साल सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने वाले थे। सिविल सर्जन के पद पर कार्यरत रहने के साथ वह निजी क्लिनिक और अल्ट्रासाउंड सेंटर का संचालन भी करते थे। एक वरिष्ठ सरकारी स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ नाबालिग की शिकायत के बाद यह मामला चर्चा में है। फिलहाल पुलिस पीड़िता के बयान और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।



















