रांची में ऑनलाइन रजिस्टर-2 से छेड़छाड़ का मामला, कांके सीओ ने साइबर थाने में दर्ज कराई FIR

Rupa Kumari | July 1, 2026 | 11:32 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : राजधानी रांची में ऑनलाइन भूमि अभिलेखों में कथित हेराफेरी कर अवैध जमाबंदी दर्ज करने का मामला सामने आया है। मामले को गंभीर मानते हुए कांके अंचल अधिकारी (सीओ) अमित भगत ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है और पूरे प्रकरण की तकनीकी व आपराधिक जांच की मांग की है। शिकायत के अनुसार, ऑनलाइन रजिस्टर-2 (पंजी-2) में कथित छेड़छाड़ कर कई भूखंडों के रिकॉर्ड में बदलाव किया गया। मामला कांके अंचल के सुकुरहुटू और गारू मौजा की जमीनों से जुड़ा बताया जा रहा है।

कई भूखंडों की अवैध जमाबंदी का आरोप

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि सुकुरहुटू मौजा के खाता संख्या-41 से जुड़े विभिन्न प्लॉटों और गारू मौजा के खाता संख्या-56 की लगभग 1.28 एकड़ जमीन के रिकॉर्ड में ऑनलाइन बदलाव कर अवैध जमाबंदी दर्ज की गई। सीओ अमित भगत के अनुसार, गारू मौजा से संबंधित नामांतरण वाद संख्या 10651 और 10652 (वर्ष 2025-26) में कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी की गई। प्रारंभिक जांच में ऑनलाइन रिकॉर्ड और मूल अभिलेखों के बीच गंभीर अंतर पाया गया है।

झारभूमि पोर्टल की भूमिका की भी होगी जांच

शिकायत में झारभूमि पोर्टल से जुड़े वर्तमान और पूर्व सॉफ्टवेयर डेवलपरों, तकनीकी कर्मियों तथा अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की मांग की गई है। सीओ का कहना है कि तकनीकी सहयोग या मिलीभगत के बिना ऑनलाइन रजिस्टर-2 में इस तरह का बदलाव संभव नहीं लगता। इसलिए मामले की फोरेंसिक और तकनीकी जांच कर यह पता लगाया जाना जरूरी है कि रिकॉर्ड में बदलाव कैसे और किन लोगों की मदद से किया गया।

नियमित प्रक्रिया के दौरान सामने आई गड़बड़ी

अमित भगत ने बताया कि दाखिल-खारिज की नियमित प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों का मिलान करते समय यह अनियमितता सामने आई। जब ऑनलाइन रिकॉर्ड और वास्तविक अभिलेखों में अंतर पाया गया तो मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई। जांच के दौरान कई गंभीर विसंगतियां मिलने के बाद साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।

भू-माफियाओं की साजिश की आशंका

एफआईआर में कुछ भू-माफियाओं पर फर्जी वंशावली और जाली दस्तावेजों के जरिए सरकारी तथा निजी जमीनों पर कब्जा करने की साजिश रचने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायत में आशंका जताई गई है कि कुछ मामलों में तकनीकी स्तर पर मिलीभगत कर ऑनलाइन रिकॉर्ड में बदलाव किया गया।

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अन्य जिलों में भी खुल सकते हैं ऐसे मामले

कांके सीओ ने आशंका व्यक्त की है कि यदि निष्पक्ष और व्यापक जांच कराई जाती है तो रांची के अन्य अंचलों के साथ-साथ झारखंड के कई जिलों में भी ऑनलाइन रजिस्टर-2 से छेड़छाड़ और अवैध जमाबंदी के इसी तरह के मामले सामने आ सकते हैं। फिलहाल साइबर थाना पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है और रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी की परतें खोलने का प्रयास कर रही है।

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