रांची में बनेगा रिम्स-2: 2800 बेड वाला मल्टी स्पेशियलिटी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल, टेंडर जारी

Meenu | July 1, 2026 | 12:33 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची :झारखंड की राजधानी रांची में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। रिम्स-2 परियोजना के तहत 2,800 बेड वाले अत्याधुनिक मल्टी स्पेशियलिटी टीचिंग हॉस्पिटल सह मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। इस मेगा प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया झारखंड स्टेट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से शुरू की गई है। परियोजना को एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) की सहायता से पूरा किया जाएगा।

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एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से बनेगा प्रोजेक्ट

यह महत्वाकांक्षी परियोजना स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत शुरू की गई है। इसे ‘जागृति’ योजना यानी झारखंड एक्शन फॉर जेनरेटिंग रिस्पॉन्सिव एंड इंक्लूसिव ट्रांसफॉर्मेशंस इन हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना के तहत विकसित किया जाएगा। रिम्स-2 का निर्माण ‘डिजाइन एंड बिल्ड कॉन्ट्रैक्ट’ मॉडल के तहत किया जाएगा, ताकि अस्पताल को आधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ तैयार किया जा सके। झारखंड स्टेट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, टेंडर में भाग लेने वाली कंपनियां 17 अगस्त 2026 तक अपनी बोलियां जमा कर सकेंगी। इसी दिन शाम 3:30 बजे टेंडर खोले जाएंगे, जिसके बाद चयन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

कंपनियों के लिए रखी गई कड़ी शर्तें

परियोजना की विशालता को देखते हुए टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने वाली कंपनियों के लिए सख्त पात्रता मानदंड तय किए गए हैं। नियमों के अनुसार कंपनी का पिछले तीन वर्षों का न्यूनतम औसत वार्षिक टर्नओवर 1,667 करोड़ रुपये होना चाहिए। कंपनी के पास कम से कम 208 करोड़ रुपये के वित्तीय संसाधन होने जरूरी हैं। मार्च 2021 के बाद कम से कम 350 बेड वाले अस्पताल प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक पूरा करने का अनुभव होना अनिवार्य है।

इन 6 तकनीकी क्षेत्रों में अनुभव जरूरी

अस्पताल निर्माण और संचालन को विश्वस्तरीय बनाने के लिए कंपनियों को कम से कम छह तकनीकी क्षेत्रों में कार्य अनुभव होना जरूरी होगा। इनमें शामिल हैं अस्पताल और मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण, HMIS सिस्टम, MGPS और MOT सिस्टम, PTS और CSSD सिस्टम, लॉन्ड्री और हॉस्पिटल फर्नीचर, VRF/HVAC, फायर फाइटिंग और ETP/STP सिस्टम।

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बड़ा लाभ

रिम्स-2 परियोजना पूरी होने के बाद झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। 2800 बेड की क्षमता वाला यह अस्पताल राज्य के सबसे बड़े और आधुनिक स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल होगा। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज, मेडिकल रिसर्च और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता में भी सुधार आने की संभावना है।

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